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गीत-संगीत और नृत्य की रमझोल में घुली मिठास

-पीजी कॉलेज में रमझोल सप्ताहव्यक्तित्व निखारती है प्रतियोगिताएं

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गीत-संगीत और नृत्य की रमझोल में घुली मिठास

गीत-संगीत और नृत्य की रमझोल में घुली मिठास

बाड़मेर। राजकीय पीजी महाविद्यालय बाड़मेर में एनसीसी कैडेट्स, एयर रोवर, स्काउट और टीम उजास के विद्यार्थियों के मध्य चल रहे रमझोल सप्ताह के दौरान दूसरे दिन रविवार को कई कार्यक्रम हुए।
इस दौरान प्रतिभागियों ने काव्य पाठ, पुस्तक परिचर्चा, समूह नृत्य और समूह गान प्रतियोगिताओं में भागीदारी निभाई। काव्य पाठ प्रतियोगिता में प्रत्येक टीम ने पांच-पांच कविताओं का वाचन करते हुए वातावरण को रसमय बनाया। इसके बाद पुस्तक परिचर्चा में 55 पुस्तकों की समीक्षा की गई। सबसे रोचक प्रतियोगिता समूह नृत्य के रूप में रही। जिसमें कालबेलिया, मायरा, नागिन और अन्य नृत्यों ने मन मोह लिया, जिससे पूरा कैंपस झूमता नजर आया। इसी क्रम में समूह गान प्रतियोगिता में गीत, भजन और लोक गीतों की प्रस्तुतियां दी गई।
व्यक्तित्व निखारती है प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद् बंशीधर तातेड़ ने कहाकि इस तरीके की प्रतियोगिताएं व्व्यक्तित्व निखारने में मददगार साबित होती है। उन्होंने लाडो कविता सुनाते हुए परिसर को हास्य रस से सरोबार कर दिया। जिला परिषद सदस्य नरपतराज मूंढ ने बताया कि युवाओं को अपनी संस्कृति को जानना चाहिए और उसे अपनाना चाहिए। सांस्कृतिक कार्यक्रम हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। इस मौके सीपी घारू ने कहाकि कार्यक्रमों से नई ऊर्जा मिलती है। वहीं खगेंद्र ने कहा कि जीवन का आनंद लेना है तो मेहनत करना शुरू कर दीजिए और अपने हुनर को निखारते रहना चाहिए। प्रो. केशाराम ने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से समूहिकता की भावना विकसित होती है।
खेलकूद में दिखाया उत्साह
इस अवसर पर पूर्व कैडेट किशन सिंह गोरडिया, कैलाश कुमार, सद्दाम हुसैन, देवेंद्र कुमार मोहनलाल,अचलाराम आदि उपस्थित रहे । इसके बाद में खेलकूद प्रतियोगिताओं के सिलसिले को जारी रखा गया। संयोजक आदर्श किशोर ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान खेलकूद में 100 मीटर दौड़, ऊंची कूद व बाधा दौड़ का आयोजन किया गया।