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युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले को लेकर सदन में हंगामा, परिजन शव नहीं उठाने पर अड़े

बाड़ेमरे जिले में युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले को लेकर सदन में हंगामा हुआ।

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बाड़मेर/जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को बाड़मेर ग्रामीण थाने में युवक की पुलिस हिरासत में मौत के मामले की चर्चा में बोलने की अनुमति नहीं मिलने पर विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के वेल में आकर नारेबाजी करने एवं सत्तापक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों में नोंकझोंक से सदन में हंगामा हुआ।

शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के तहत उठाए गए इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान प्रतिपक्ष उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ एवं विधायक जोगेश्वर गर्ग तथा मेवाराम जैन के बोलने के बाद विधायक मदन दिलावर ने भी बोलना चाहा, लेकिन अध्यक्ष डा सी पी जोशी ने इसकी अनुमति नहीं दी। दिलावर के बोलते रहने पर जोशी ने कहा कि वह उन्हें अनुमति नहीं दे रहे हैं अपनी जगह पर बैठ जाए। इस पर राठौड़ सहित अन्य भाजपा सदस्य खड़े हो गये और वेल में आ गए।

शुक्रवार को मामले में एक प्रतिनिधि मंडल की ओर से तीसरी बार एडीजी रवि प्रकाश, जोधपुर रेंज आईजी, जिला कलक्टर अंशदीप के साथ चार सूत्रीय मांगों को लेकर वार्ता हुई, लेकिन वार्ता सफल नहीं हो पाई। प्रतिनिधि मंडल के उदाराम ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा सहित अन्य मांग पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई है।

परिजन की रिपोर्ट के मुताबिक बाड़मेर शहर के हमीरपुरा निवासी जितेंद्र (27) पुत्र ताराचंद को ग्रामीण थाना पुलिस चोरी के पाइप खरीदने के संदेह पर पूछताछ के लिए बुधवार सुबह 11 बजे थाने लेकर गई। जहां पूछताछ के बाद बिना गिरफ्तार किए थाने में रखा। पुलिस ने दूसरे दिन गुरुवार दोपहर में परिजन को बताया कि जितेंद्र की तबीयत खराब है। पुलिस उसे राजकीय अस्पताल लेकर आई जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।

परिजन का आरोप है कि युवक के साथ पुलिस हिरासत में मारपीट हुई व यातनाएं दी गईं जिससे मौत हुई है। मृतक के परिजन आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल गिरफ्तार करने, युवक को अवैध हिरासत में रखने पर राज्य सरकार से एक करोड़ की आर्थिक सहायता देने, आश्रित के परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा मामले की न्यायिक जांच की मांग पर अड़े हैं।

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