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भागवत भगवान का स्वरूप, श्रवण मात्र से पापों का नाश

कलश यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु

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भागवत भगवान का स्वरूप, श्रवण मात्र से पापों का नाश

भागवत भगवान का स्वरूप, श्रवण मात्र से पापों का नाश

फोटो. गोहितार्थ भागवत कथा शुरू

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बालोतरा.
भागवत भगवान का स्वरूप है। इसका श्रवण करने मात्र से समस्त प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। घर, परिवार व जीवन में सुख-समृद्धि आती है, इसलिए भागवत कथा का अवश्य श्रवण करें। कथा वाचक ममतादेवी ने शुक्रवार को गोहितार्थ अन्नपूर्णा गोशाला सेवा समिति की ओर से नगर के अन्नपूर्णा गोशाला में आयोजित श्रीमद्भगवत कथा का वाचन करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि भागवत में सभी ग्रंथों का सार समाहित है, इसलिए भागवत कथा भगवान का स्वरूप है। जहां भागवत कथा होती है, वहां इसे सुनने भगवान भी आते हैं। उन्होंने कहा कि संसार में ईश्वर नाम ही सत्य है, शेष सम्पूर्ण संसार माया रचित है। संसार में ईश्वर की इच्छा के बिना कोई कार्य नहीं होता है, इसलिए व्यक्ति का सदैव ईश्वर नाम का स्मरण करना चाहिए। वृंदावन की भजन मण्डली ने भजनों की सुमधुर प्रस्तुति दी। इससे मंत्रमुग्ध श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाने के साथ नृत्य किया। जसवंतगढ़ नागौर टीम ने भीष्म पितामह की सुंदर झांकी प्रस्तुत की। इस अवसर पर संत नरसिंहदास, संत रामेश्वरदास, मोहन माली, डूंगरचंद माली, गौतम गहलोत, नरेन्द्र गहलोत, राजू शर्मा, भीमाराम माली, पारसमल गहलोत, विरेन्द्र गहलोत, गोविंदराम, नारायण घांची, विष्णु पंवार मौजूद थे।

निकली शोभायात्रा- इससे पूर्व नगर के नई चोंच मंदिर से सुबह 8.30 बजे कलश यात्रा रवाना हुई। इसमें सबसे आगे 1100 कलश लिए युवतियां व महिलाएं चल रही थी। इनके पीछे श्रद्धालु संकीर्तन व नृत्य करते हुए चल रहे थे। रथ में सवार कथावाचक ममतादेवी चल रही थी। इनके पीछे दर्जनों वाहन चालक जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। नगर के मुख्य मार्गों से कलश यात्रा के गुजरने पर इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में नगरवासी उमड़े। उन्होंने पुष्प वर्षा से संत व श्रद्धालुओं का स्वागत किया। कलश यात्रा में अखाड़ेबाज हैरतअंगेज कारनामे दिखा रहे थे। शोभायात्रा आयोजन स्थल पहुंच विसर्जित हुई।
1के. बालोतरा में भागवत कथा को लेकर निकाली गई शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु