
ब्लड डोनेशन कैम्प के नियम बदले, अब 10 दिन पहले करना होगा आवेदन
बाड़मेर. सरकार ने रक्तदान शिविर का आयोजन करने के लिए अब नियमों में बदलाव किया है। अब इसके लिए औषधि नियंत्रक को आवेदन देना होगा, जहां से अनुमति मिलने के बाद ही कैम्प का आयोजन किया जा सकेगा। ब्लड बैंक व आयोजक संस्था की ओर से शिविर लगने की तारीख से 10 दिन पूर्व सूचना देनी होगी।
प्रमुख शासन सचिव ने चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमों में बदलाव करते हुए प्रदेश के सभी ब्लड बैंक व ब्लड स्टोरेज, जिसमें निजी भी शािमल हैं,में व्यवस्था सुधार करने के लिए औषधि व प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत परिपत्र जारी किया है। अब कहीं पर ब्लड कै म्प लगाने से पहले उसकी सूचना अनिवार्य रूप से डीआई व एडीआई को मिलेगी। इसके बाद ही कैम्प का आयोजन हो पाएगा।
कैम्प लगते और विभाग को नहीं मिलती थी जानकारी
जानकारों के अनुसार सरकारी ब्लड बैंक के माध्यम से लगने वाले शिविरों की अनुमति पीएमओ के माध्यम से ली जाती रही है, लेकिन यह ध्यान में आया है कि निजी क्षेत्र के ब्लड बैंक की ओर से शिविरों का आयोजन करने की जानकारी पूरी तरह से नहीं मिल रही थी। ऐसे में ब्लड स्टोरज व उसकी जरूरतों का डाटा संकलित नहीं होना सहित अन्य कारणों के चलते अब सरकारी ब्लड बैंक सहित निजी क्षेत्र के ब्लड बैंकों व आयोजक संस्थानों को भी शिविर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
कैम्प स्थल देख कर दी जाएगी अनुमति
प्रार्थना पत्र मिलने के बाद कैम्प स्थल पर जा कर डीआई स्वयं निरीक्षण करेंगे। कैम्प के निमयों के अनुसार संपूर्ण व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने के बाद निर्धारित नाम्र्स पूरे मिलने की स्थिति में ही अनुमति मिलेगी। इसी तरह जिस दिन कैम्प होगा, उस दिन भी औषधि नियंत्रक शिविर में पहुंचकर देखेंगे कि चिकित्सक व टैक्नीशियन की देखरेख में कैम्प आयोजित किया जा रहा है या नहीं। साथ ही शिविर में संकलित रक्त की सूचना ब्लड बैंक व आयोजक संस्थान को डीआई को लिखित में देनी होगी। साथ ही रक्त की मात्रा व जिस ब्लड बैंक या स्टोरज का भेजा जा रहा है, इसे लेकर डीआई कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
Published on:
23 Dec 2021 04:17 pm
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