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नहीं मिला बजट, स्वच्छ भारत मिशन पर लगा ब्रेक!

-नगर परिषद में एक वर्ष से नहीं आया स्वच्छ भारत मिशन का बजट-200 परिवारों के शौचालयों की एक किश्त बाकी-सफाई के लिए संसाधनों की जरूरत, बजट के अभाव में नहीं खरीद सकते    

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Budget not found, Break on Swachh Bharat Mission

Budget not found, Break on Swachh Bharat Mission

बाड़मेर. स्वच्छ भारत मिशन(एसबीएम) के तहत शहर की साफ-सफाई व शौचालय निर्माण की राशि पिछले एक साल से नगर परिषद को नहीं मिली है। ऐसे में मिशन पर ब्रेक लग गए हैं। एसबीएम का बजट नहीं आने से नए संसाधन खरीदने व शौचालयों का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। नगर परिषद बजट मांग चुकी है, लेकिन अब तक नहीं मिला है। Swachh Bharat Mission

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एसबीएम योजना के तहत शहर के 40 वार्डो में 200 शौचालय विहीन परिवार की एक किश्त के 4000 रुपए बकाया हैं। जिन लोगों के एक किश्त बकाया चल रही है वे नगर परिषद के चक्कर लगाकर परेशान हो गए हैं। उन्हें बजट नहीं आने की जानकारी दी जा रही है।

इधर 50 लाख की हो गई उधारी

नगर परिषद ने शहर में घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 10 नए टैंपो खरीदे। जिनकी कीमत 50-54 लाख रुपए के करीब है। स्वच्छता का बजट नहीं आने के कारण नगर परिषद पर टैम्पो की राशि की भी उधारी हो गई। नए डम्पर व सफाई के उपकरण खरीदने में भी परेशानी आ रही है।

बैठक में उठी थी मांग

नगर परिषद की पिछली साधारण सभा की बैठक में केन्द्र सरकार की ओर से बजट नहीं आने का जिक्र किया गया। जिसमें बताया गया कि बजट नहीं आने के कारण शौचालय बनाने वाले परिवारों का भुगतान नहीं हो रहा। इसके बावजूद बजट को लेकर कोई कार्रवाई अब तक नहीं हुई।

डिमांड भेजी गई है

200 परिवारों का शौचालय का भुगतान बकाया है। नए संसाधन खरीदने व अन्य मांगों को लेकर डीएलबी (DLB) को पत्र भेजा गया है। बजट आने पर भुगतान किया जाएगा।
पवन मीणा, आयुक्त, नगर परिषद, बाड़मेर