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सस्ती होने के बाद भी सेब के नहीं मिल रहे खरीदार

65 से 70 प्रतिकिलो के भाव, खरीदने वालों का टोटा
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सस्ती होने के बाद भी सेब के नहीं मिल रहे खरीदार

सस्ती होने के बाद भी सेब के नहीं मिल रहे खरीदार

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बालोतरा.
सेहत के लिए अच्छी माने जाने वाली सेब के भावों में गिरावट के बावजूद इसके खरीदार नहीं मिल रहे हंै। इस पर खपत घटकर आधी हो गई है। दीपावली पर नहीं हो रही कमाई से फल विक्रेताओं के चेहरों पर उदासी छा गई है।

सेहत के लिए सेब खाना अच्छा माना जाता है। चिकित्सकों के अनुसार हर दिन एक सेब खाकर बीमारियों से बचा जा सकता है,लेकिन इसके दाम ज्यादा होने पर यह अधिकांश लोगों की पहुंच से दूर है। इस वर्ष स्थिति उल्टी है। सेब के भाव कम होने के बावजूद इसके खरीदार नहीं मिल रहे हंै। जानकारी अनुसार गत वर्ष सेब के भाव होलसेल में 55 से 60 रुपए व रीटेल में 100 रुपए थे। इस वर्ष इसके भाव घटकर होलसेल में 40 से 50 व रिटेल में 65 से 70 रुपए हो गए हैं। बावजूद इसके खरीदार नहीं मिल रहे हैं। जानकारी अनुसार गत वर्ष नगर की सब्जी मण्डी में प्रतिदिन बिक्री के लिए सेब के 3 से 4 ट्रक पहुंचते थे। हाथों हाथ बिक्री होती थी। अब स्थिति इसके बिल्कुल उल्टी है। दो दिन अंतराल में दो ट्रक पहुंचते हैं। इनकी भी बिक्री नहीं हो रही है। ट्रक मण्डी में खड़े रहते हैं। कमजोर बिक्री से फल विक्रेताओं की हालत खस्ता हो रखी है। गौरतलब है कि सेब की थार में आवक कम मात्रा में होती है और महंगी भी ज्यादा होने के कारण आमजन इसका कम ही उपयोग करता है। अमूमन इसकी कीमत सवा सौ से दो सौ रुपए किलो तक रहती है। इस बार स्थिति उलट नजर आ रही है। बावजूद इसके ग्राहक सेब की खरीदारी नहीं कर रहे हैं। इसके चलते फल विक्रेताओं की चिंता बढ़ गई है।

कम दाम फिर भी नहीं खरीदार - इस वर्ष सेब के भाव कमजोर हैं। बावजूद इसके बिक्री नहीं हो रही है। ट्रक खड़े रहते हैं। होलसेल व रिटेल खरीदारों की हालत खस्ता है। - फरसाराम माली, होलसेल व्यापारी

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