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CET 2024 Exam : सरकार के सारे दावे फेल, सीएम के गृह क्षेत्र में अभ्यर्थियों की कुटाई; बाड़मेर में एक सीट के लिए मारामारी

CET 2024 Exam : कई अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए रोडवेज की बस में सवार होकर अलवर जा रहे थे। हालांकि ड्राइवर ने अभ्यर्थियों को भरतपुर में उतार दिया और कहा कि अब यह बस आगे नहीं जाएगी।

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CET 2024 Exam

CET 2024 Exam : राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से समान पात्रता परीक्षा (सीईटी) 2024 स्नातक स्तर शुक्रवार से विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर शुरू हुई। हालांकि परीक्षा से पहले ही परीक्षार्थियों को एक बड़ी 'परीक्षा' से गुजरना पड़ा। दरअसल प्रदेश के कई जिलों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए गए थे। ऐसे में अभ्यर्थियों को अन्य जिलों के परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर में मारपीट तक हो गई, तो वहीं बाड़मेर के अभ्यर्थियों को जोधपुर पहुंचने के लिए जमकर दौ़ड़ लगानी पड़ी। वहीं इन व्यवस्थाओं को देखकर सरकार के दावे फेल होते नजर आ रहे हैं।

मारपीट का लगाया आरोप

दरअसल कई अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए रोडवेज की बस में सवार होकर अलवर जा रहे थे। हालांकि ड्राइवर ने अभ्यर्थियों को भरतपुर में उतार दिया और कहा कि अब यह बस आगे नहीं जाएगी। ऐसे में अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। इस बीच आरोप है कि अभ्यर्थियों को रोडवेज के कर्मचारियों ने बस से उतारकर पीटा, जिसके बाद वहां मौजूद कुछ लोगों ने मारपीट की सूचना पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया।कई अभ्यर्थियों को चोटें आईं। एक अभ्यर्थी को अस्पताल ले जाना पड़ा। इसके बाद अपने भविष्य की चिंता में अभ्यर्थियों को निजी बस के जरिए अलवर जाना पड़ा। हालांकि अभ्यर्थियों की ओर से पुलिस को किसी तरह की कोई शिकायत नहीं दी गई है।

बाड़मेर में बुरा हाल

वहीं बाड़मेर जिले में भी अभ्यर्थियों को भी खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। दरअसल बाड़मेर के अभ्यर्थियों का सेंटर जोधपुर रखा गया था। ऐसे में सुबह पांच बजे से ही बाड़मेर रोडवेज बस स्टैंड पर अभ्यर्थियों की खासी भीड़ जमा होने लगी। वहीं अभ्यर्थियों की संख्या के अनुरूप बसें उपलब्ध नहीं होने के चलते कई बच्चों को निराशा का सामना करना पड़ा।

उन्होंने बाड़मेर जिला प्रशासन से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करवाने की मांग रखी। यहां का रोडवेज बस स्टैंड खचाखच भरा नजर आया। वहीं प्रदेश के कई सेंटर्स पर ड्रेस कोड में नहीं आने वाले अभ्यर्थियों को रोक दिया गया। कई अभ्यर्थी पूरी आस्तीन का शर्ट पहनकर आए थे। उन्हें कैंच से अपनी शर्ट कटवानी पड़ी। वहीं कई महिला अभ्यर्थियों को अपने गहने उतारने पड़े।

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