
चिंगारी से छप्पर में लगी, वृद्ध दंपती की जिंदा जलने से मौत
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बालोतरा. पचपदरा थाना क्षेत्र के कालमों की ढ़ाणी गांव में सोमवार को एक रहवासीय ढ़ाणी के बाहर बने छप्पर में आग लगने से एक बुजुर्ग दंपती जिंदा जल गए। जानकारी पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे, उन्होंने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
खेड़ ग्राम पंचायत के राजस्व गांव कालमों की ढ़ाणी में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे एक रहवासीय ढ़ाणी के बाहर बने कच्चे घासफूस के छप्पर में अचानक आग लग गई,जिसमें एक बुजुर्ग दंपती सो रहे थे। आग ने धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर पूरे छप्पर को चपेट में ले लिया। इससे छप्पर में सो रहे मेलाराम (75) पुत्र उत्तमाराम व उसकी पत्नी अणछी देवी (65) आग से घिर गए। उम्रदराज होने से वे आग की लपटों से बाहर नहीं निकल सके तथा जिंदा जलने से मौत हो गई। आग की लपटों को देख आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी पर पचपदरा थानाधिकारी हरचंद देवासी, हैडकांस्टेबल रायचंद पंवार मय जाप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का अवलोकन किया। इनके बाद वृत्ताधिकारी हिमांशु जांगिड़ भी मौके पर पहुंचे और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के बारे में जानकारी ली। राजस्व विभाग से भू अभिलेख निरीक्षक बाबूसिंह राजपुरोहित, पटवारी व ग्रामसेवक भी मौके पर पहुंचे तथा मौका फर्द तैयार की। घटना के संबंध में सोमाराम पुत्र मेलाराम ने पुलिस को रिपोर्ट दी। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सुपुर्द किए।
चूल्हे की चिंगारी से लगी आग- पुलिस को रिपोर्ट में परिजनों ने बताया कि घर के बाहर बने छप्परे में चूल्हा बनाया हुआ था। इस पर खाना पकाया और खाने इसके बाद दंपती वहीं पर सो गए थे। तेज हवा के चलते चूल्हे से निकली चिंगारी छप्परे में गिर गई और आग लग गई। आग ने हवा से धीरे-धीरे विकराल रूप धारण कर लिया।
दमकलें सड़क पर रही, ट्रैक्टर टंकियां रेत में फंसी- कालमों की ढ़ाणी गांव मेलाराम भील की ढाणी रेत के ऊंचे टीले पर स्थित है। जहां पर जाने के लिए कच्चा व उबड़-खाबड़ रास्ता है। आग की सूचना पर नगर परिषद व सीईटीपी की दो दमकलें कालमों की ढ़ाणी स्कूल तक पहुंच गई, लेकिन आगे कच्चा रास्ता होने से ढ़ाणी तक पहुंच नहीं पाई। ग्रामीणों ने दमकल से पानी को ट्रैक्टर-टंकियों में भर आग पर काबू पाने के प्रयास किए, लेकिन टै्रक्टर-टंकियां भी बीच में फंस गई। इनको निकालने के लिए ग्रामीणों ने प्रयास किए, तब तक दंपती जिंदा जल गए थे।
आग से दंपती के जिंदा जलने की जानकारी पर प्रधान ओमप्रकाश भील, मालाराम बावरी, पूर्व उपसरपंच जबरसिंह तिलवाड़ा, भंवरदान बागुंडी भी मौके पर पहुंचे।
बाड़े को भी लिया चपेट में- छप्परे से कुछ दूरी पर मवेशियों के लिए घासफूस का बाड़ा भी बनाया हुआ था। छप्परे में आग लगने के बाद बढ़ी लपटों ने बाड़े को भी चपेट में ले लिया। इससे बाड़े में बैठा मेमना भी जल गया।
10- बालोतरा. कालमों की ढ़ाणी गांव में आग से दम्पती की मौत के बाद मौके पर मौजूद लोग।
Published on:
29 May 2018 12:05 am
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