
City Council: The poor got so much, the turbulent FD
आय पर लगा ब्रेक : खाते में बचे थे 20 लाख
नगर परिषद : कंगाली इतनी बढ़ी, तुड़वानी पड़ी एफडी
अब 2 करोड़ रुपए की एफडी उठाई
बाड़मेर . फर्जी पट्टों की आग से घिरी नगर परिषद अब पूरी तरह कंगाल हो गई है। दो माह बीतने के बावजूद नगर परिषद के कर्मचारियों को दीपावली का बोनस नहीं मिल पाया है। ठेकेदार भुगतान के लिए तरस रहे हंै। नगर परिषद का खजाना खाली हो गया है। विकास कार्यों को लेकर कोई प्लानिंग नहीं है। परिषद के कोष में महज 20 लाख रुपए बचे हंै। अब ठेकेदारों का भुगतान करने के लिए वर्ष 2013 में करवाई 2 करोड़ रुपए की एफडी तुड़वा भुगतान किया है।
नगर परिषद में करीब 350 कर्मचारी हैं। इन्हें दीपावली का बोनस अब तक नहीं मिला है। उनके बोनस के 28 लाख रुपए अटक गए हैं। नगर परिषद क्षेत्र में काम कर रहे ठेकेदारों का करीब 2 करोड़ का भुगतान अटका हुआ है। परिषद के जिम्मेदार आय को लेकर कोई विशेष प्रयास करते नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में एफडी तुड़वाने की नौबत आ गई।
आय के साधन
- स्थायी सम्पत्ति किराया
- भूमि विक्रय
- नगरीय कर वसूली
- भूमि नियमन
- पट्टों से मिलने वाला राजस्व
- कृषि भूमि नियमन
- कॉलोनियों का विस्तार
विकास का कोई
मैप नहीं
नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड है। अब राज्य में भी कांग्रेस की सरकार बनने के बावजूद भी कोई कार्य नहीं हो रहा है। पट्टों पर अघोषित रोक है। विकास के बड़े प्रोजेक्ट अधरझूल हैं। पूर्व में सभापति यह कहते रहे हैं कि विकास कहां से करवाएं राज्य की भाजपा सरकार मदद नहीं कर रही है। अब कांग्रेस की सरकार प्रदेश में बन चुकी है। लेकिन विकास को लेकर परिषद के कोई मैप नहीं है।
5 माह से नहीं हुई साधारण बैठक : नगर परिषद एक्ट के अनुसार साधारण सभा का आयोजन नहीं हो रहा है। पिछले पांच महीनों से बैठक नहीं हुई है। ऐसे में पार्षद समस्याओं पर चर्चा नहीं कर पा रहे हैं।
Published on:
14 Jan 2019 05:52 pm
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