
कांग्रेस नेता सचिन पायलट, फोटो सोर्स- राजस्थान पीसीसी
Congress Jai Hind Rally: राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में भारतीय सेना के सम्मान में कांग्रेस पार्टी की ओर से ‘जयहिंद सभा’ का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर बालाजी फॉर्म हाउस स्थित वीरेंद्र धाम मेमोरियल छात्रावास परिसर में आयोजित हुआ। सभा में युद्ध में दिव्यांग हुए वीर सैनिकों और वीरांगनाओं को शॉल ओढ़ाकर और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। पूर्व सीएम अशोक गहलोत, सांसद रणदीप सुरजेवाला, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर रंधावा, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के साथ ही प्रदेश के कई सांसद, विधायक और कांग्रेस पदाधिकारी कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि इस देश में अगर हमारी सामूहिक आस्था किसी चीज में है तो वह भारतीय सेना है। हम बाड़मेर की धरती पर खड़े हैं, जहां से पाकिस्तान की सीमा निकट है। इस धरती के वीर जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की है।
उन्होंने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि हमने नहीं पूछा कि आतंकवादी कैसे पहलगाम में घुसे, चूक कहां हुई। लेकिन जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद युद्धविराम की घोषणा की, तो सरकार को सामने आकर बताना चाहिए कि यह सीजफायर किन शर्तों पर हुआ।
पायलट ने यह भी कहा कि यह सभा किसी राजनीतिक मकसद से नहीं, बल्कि सैनिकों को सलाम करने के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने संसद पर हुए हमले की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय भी विपक्ष ने सरकार का साथ दिया था।
सभा के दौरान सचिन पायलट ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर दुश्मनी निकाल रही है। उन्हें पता था कि कांग्रेस के नेता आ रहे हैं, इसलिए बिजली गुल कर दी गई। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने बाड़मेर की जनता से कहा कि बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाओं को लेकर सरकार का रवैया दुर्भावनापूर्ण है।
बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि बाड़मेर-जैसलमेर के किसानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपनी खातेदारी जमीनें छोड़ दीं। यह त्याग कोई मामूली बात नहीं है। वहीं पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर राजनीति करना गलत है। जब प्रधानमंत्री खुद कहते हैं कि भाषणबाजी नहीं होनी चाहिए, तो ऐसी नौबत क्यों आई?
Updated on:
26 May 2025 01:40 pm
Published on:
26 May 2025 01:40 pm
