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हाइवे और शहर की सड़कों पर मंडराता ‘खतरा’ …

-नंदीशाला खुली, फिर भी पशु बेसहारा सड़कों पर-दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हाइवे पर दौड़ते पशु

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हाइवे और शहर की सड़कों पर मंडराता 'खतरा' ...

हाइवे और शहर की सड़कों पर मंडराता 'खतरा' ...

बाड़मेर. हाइवे और शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं के घूमने से हमेशा खतरा मंडराता रहता है। शहर में शायद ही कोई सड़क होगी, जहां पर पशुओं का जमावड़ा नहीं है। हर गली-मोहल्ला और मुख्य सड़कों पर पशुओं का डेरा लगा रहता है। कई बार पशु राहगीरों को घायल भी कर देते हैं। वाहन चालकों के साथ दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहे हैं। वहीं बड़े वाहनों की चपेट में आने से पशु भी घायल हुए हैं।
हाईवे पर पशुओं के कारण दुर्घटनाएं
शहर से निकल रहे हाइवे पर आवारा पशुओं के कारण दुर्घटनाएं भी हो रही है। आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे है। वहीं कई बार पशु भी मर जाते हैं। हाइवे पर हादसे होने का एक बड़ा कारण आवारा पशु भी है।
नंदीशाला के दावों की खुल रही पोल
बाड़मेर शहर में जब नंदीशाला बन रही थी, तब दावे बड़े-बड़े किए गए थे कि शहर में बेसहारा पशु नजर नहीं आएगा। अब ऐसे दावों की पोल हर जगह खुलती दिख रही है। नंदीशाला की जगह शहर की सड़कों पर नंदी नजर आ रहे हैं। जिम्मेदारों ने आंखें मूंद ली हैं, जैसे देख कर भी अनदेखा कर रहे हैं।