2 मई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बेसहारा पशुओं की धमाचौकड़ी, नहीं हो रही धड़पकड़

- कई जने हुए चोटिल, कस्बेवासी परेशान, जिम्मेदार मौन

2 min read
Google source verification
सिवाना में सड़क के बीच खड़े पशु

सिवाना में सड़क के बीच खड़े पशु

सिवाना. कस्बे में बेसहारा पशुओं की धमाचौकड़ी से बाशिंदों का जीना दुश्वार हो गया है। इनकी लड़ाई से जहां अफरा-तफरी मच जाती है तो कई बार जनों को चोटिल भी किया है। उपखंड प्रशासन व ग्राम पंचायत के धरपकड़ को लेकर कार्रवाई नहीं करने से आमजन में रोष है।
गांधी चौक, बालोतरा रोड, मोकलसर रोड, बस स्टेशन आदि प्रमुख स्थानों व मोहल्लों में समूह के रूप में बेसहारा पशुओं के विचरण करने से लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जूूठन व सड़ी गली सब्जी खाने को लेकर इनके आपस में लडऩे-झगडऩे पर लोगों की जान पर बन आती है। बेसहारा पशुओं की चपेट में आकर बहुत से जने चोटिल हो चुके हैं, लेकिन इनकी धरपकड़ को लेकर उपखंड व ग्राम पंचायत प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

बढ़ता जा रहा कारवां- कस्बे में दिनोदिन बेसहारा पशुओं की तादाद बढ़ती जा रही है। मुख्य बाजार व बस स्टेशन के आसपास जहां सब्जी की दुकानें व हाथ ठेले हैं, वहां इनका जमावड़ा रहता है। कई बार तो यह स्थिति होती है कि सड़क पर बैठ जाने से वाहन तो क्या पैदल चलना भी मुश्किल जो जाता है।
डाल देते हैं हरा चारा-इन बेसहारा पशुओं को धर्म के नाम पर लोग हरा चारा डालते हैं। वे बीच राह और सड़क पर ही चारा डाल देते हैं। एेसे में अल सुबह तो चारे के लिए पशु इधर-उधर भागते नजर आत हैं। इस दौरान कई जनों को चोटिल भी किया है।

जिम्मेदान नहीं दे रहे ध्यान- कस्बे से बेसहारा पशुओं को हटाने के लिए अभियान की जरूरत है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। ग्राम पंचायत हो या फिर उपखण्ड प्रशासन किसी को भी कस्बे की इस समस्या से मानो कोई लेना-देना ही नहीं है।

प्रशासन करे कार्रवाई-
कस्बे में हर दिन बेसहारा पशु आपस में लड़ते हंै। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। हादसों में लोग चोटिल व घायल हो चुके हैं। प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इनकी धरपकड़ कर गोशाला भिजवाएं। -

गणपत