
पत्रिका टीम ग्राउंड रिपोर्ट, बाड़मेर.
थार के रेगिस्तान में अकाल के दुर्दिनों ने 10 लाख किसानों की नींद उड़ा दी है। अन्नदाता को अन्न, पानी और चारे की आस खत्म होने से 55 लाख पशुधन की फिक्र ने परेशान कर दिया है। अकाल 1717 गांवों में पिछले साल भी था, लिहाजा यह संकट लगतार दूसरे साल आ गया है। सरकार नियमों से परे जाकर धरतीपुत्र की मदद करे तो पशुधन का पलायन और जीवन बचने की उम्मीद है,वरना महंगे दामों में चारे-पानी को खरीदकर पशुधन को बचाना आर्थिक संकट से जूंझ रहे किसानों के लिए मुश्किल है। जिलेभर के किसानों और पशुपालकों के चेहरे पर अकाल ने स्याह रेखाएं उकेर दी है।
किसान पशुपालक की समस्याएं
– 30 प्रतिशत दाम चारे के बढ़े
– 55 लाख पशुधन को पालने का संकट
– 400-500 रुपए में आता है पानी का टैंकर
– 8 लाख के करीब है गोवंश
क्या कर सकती है सरकार
– 07 दिन में करवा सकती है विशेष गिरदावरी रिपोर्ट
– 127 मिमी बारिश के आधार हो सकता है जिला अकाल घोषित
– 1 अक्टूबर से शुरू कर सकती है पेयजल परिवहन
– 2900 गांवों में दे सकती है चारा अनुदान व पशु शिविर
15 सितंबर से करवाएंगे गिरदावरी
15 सितंबर से गिरदावरी करवाई जाएगी। रिपोर्ट आने पर राज्य सरकार को अवगत
करवाया जाएगा। सरकार के निर्देश अनुसार राहत पहुुंचाई जाएगी।- राकेश
कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर बाड़मेर
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