
समदड़ी में गरबा नृत्य खेलते कलाकार।
Durgashtami: Barmer: Samdari: सुरम्य पहाड़ी के पास रंगबिरंगी रोशनी से सजा मंदिर, जय मां काली के जयघोष से गूंजता वातावरण और गरबा गीतों पर थिरकते नृतक। चारों तरफ देर रात तक दर्शकों का जमावड़ा। होमाष्टमी की रात समदड़ी कस्बे के ललेची माता मंदिर में यह नजारा दिखा। गरबा नृत्य देखने के लिए यहां उमड़े हजारों श्रद्धालुओं से मंदिर परिसर खचाखच भर गया तो दर्शक पहाड़ी पर बैठ कर गरबा नृत्य का आनंद लेते हुए नजर आए। होमाष्टमी पर विशेष गरबा नृत्य व मां काली का प्रवेश रहने के कारण यह रोमांचित पल देखने के लिए यहां आस्था का ज्वार उमड़ रहा है। दूरदराज से श्रद्धालु यहां गरबा देखने पहुंचे। इससे मंदिर परिसर के बाहर लंबे चौड़े भूभाग में वाहनों की कतारें लगी रहीं। विभिन्न गरबा मंडलों की विचित्र वेशभूषाओं में रंगारंग प्रस्तुति मन को लुभाने वाली रही। आधी रात के बाद मंडप में जैसे ही काला गोरा भैरू व मां काली का प्रवेश हुआ तो मंदिर सहित आसपास का वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट व जय मां काली के सामूहिक जयघोष से गूंज उठा। मंडप में मां काली के वेश में हुए नृत्य ने हर किसी को रोमांचित कर दिया।रात के समय इसकी गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी। रोजाना विभिन्न चढ़ावों की लग रही बोलियों में भक्त बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। इसी प्रकार राखी, अजीत, खेजडियाली और गोलिया चौधरियान सहित आसपास के गांवों में गरब नृत्यों की धूम मची हुई है।
Published on:
24 Oct 2023 12:02 am
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