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इं​ग्लिश मीडियम स्कूलों में हिंदी में हो रही पढ़ाई, कैसे सीखें बच्चे अंग्रेजी

- अंग्रेजी माध्यम स्कूलाें में शिक्षकों के लिए अलग से कैडर बनाने की घोषणा पर नहीं हो रहा अमल- प्रदेश के 563 अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

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इं​ग्लिश मीडियम स्कूलों में हिंदी में हो रही पढ़ाई, कैसे सीखें बच्चे अंग्रेजी

इं​ग्लिश मीडियम स्कूलों में हिंदी में हो रही पढ़ाई, कैसे सीखें बच्चे अंग्रेजी


दिलीप दवे
बाड़मेर. महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया 2 मई से शुरू हो रही है, लेकिन अंग्रेजी मीडियम पढ़ाने के लिए इन विद्यालयों में हिन्दी माध्यम के शिक्षक ही है। ऐसे में कल्पना की जा सकती है कि अंग्रेजी पढ़ने वाले बच्चों का स्तर कैसे सुधर रहा है।
विधानसभा में राज्य सरकार ने बजट घोषणा में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अलग अलग 2000 हिंदी माध्यम स्कूलों को महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरित करने की घोषणा की। वहीं, अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों का अलग से कैडर बनाकर 10 हजार शिक्षकों की भर्ती करने का एलान भी किया, लेकिन अमली जामा अब तक नहीं पहनाया गया है। इस पर प्रतिनियु क्ति पर हिंदी माध्यम के शिक्षक अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं। खास बात यह है कि पहली से ही अंग्रेजी मीडियम की पढ़ाई शुरू हो रही है और हिंदी माध्यम के अध्यापक इनको पढ़ाने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं।
563 अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू-
अभी प्रदेश के 563 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में 2 मई से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
अ भिभावक बच्चों को लेकर इन स्कूलों में पहुंच रहे हैं लेकिन जब अध्यापक को हिंदी में ही बातचीत करते देख वे भर्ती करने के बजाय बच्चों को अन्यत्र ले जाना बेहतर समझ रहे हैं। वहीं इन विद्यालयों में अधिकांश पद रिक्त चल रहे है।
1 हजार शहरी व 700 ग्रामीण विद्यालय बनेंगे इं ग्लिश मीडियम-
शहरी क्षेत्र के एक हजार हिंदी माध्यम स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरित करने के साथ ग्रामीण क्षेत्र की 700 स्कूलों को भी अंग्रेजी माध्यम में रूपांतरित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जिसके लिए शहरी क्षेत्र के लिए जिलेवार लक्ष्य भी दिए गए हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी माध्यम के लिए प्रस्ताव भी लिए जा चुके हैं।
पहले से रूपांतरित स्कूलों में ही नहीं मिल रहे शिक्षक
प्रदेश में अंग्रेजी मीडियम में पहले से रूपांतरित 563 स्कूलों में बच्चों को इंग्लिश मीडियम में पढ़ाने के लिए राज्य सरकार को इंग्लिश में प्र शि क्षित शिक्षक ही नहीं मिल रहे हैं। इधर, दिनोंदिन इंग्लिश मीडियम स्कूलों की संख्या में बढ़ोतरी की जा रही है। पिछले साल नवंबर में राज्य सरकार ने जिन 345 स्कूलों को हिंदी से इंग्लिश मीडियम में परिवर्तित किया था उनमें बच्चों की पढ़ाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। इन स्कूलों में प्रवेश लेने वाले बच्चों को पढ़ाएगा कौन इसको लेकर विभाग में कोई ठोस कार्य योजना नजर नहीं आ रही। प्रिसिपल सहित पचास फीसदी पद रिक्त है।
अलग से कैडर बनाकर शिक्षक भर्ती की जाए-
महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना बहुत अच्छी है। इनमें पढ़ाने के लिए अलग से कैडर बनाकर अंग्रेजी माध्यम शिक्षकों की भर्ती की जाए तो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल पाएगी। अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की संख्या बढ़ाने से पहले कैडर बनाया जाए। - बसन्त कुमार जाणी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ, रेस्टा
बेहतर के आधार पर चयन- अभी तक महात्मागांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में शिक्षकों के अलग कैेडर नहीं बना है। हिंदी माध्यम के शिक्षकों की प्रतिनियु क्ति की जा रही है। साक्षात्कार में अंग्रेजी का बेहतर ज्ञान रख्ने वाले शिक्षकों को ही नियु क्त किया जाता है।- जेतमालसिंह राठौड़, एडीईओ माध्यमिक बाड़मेर


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