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अतिक्रमण का पता सबको, कार्रवाई नहीं कर रहा कोई

-सरकारी जमीन पर 75 अतिक्रमण चिह्नित, प्रशासन ने एक भी नहीं हटाया

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Everyone is aware of encroachment, no one is taking action

Everyone is aware of encroachment, no one is taking action

पाटोदी. कस्बे में सरकारी जमीन अतिक्रमण की जद में है, यहां एक-दो नहीं 75 अतिक्रमण है। यह बात भी नहीं है कि इसका पता नहीं है, प्रशासनिक अमला और ग्राम पंचायत भी इससे वाकिफ है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही।

एेसे में अतिक्रमियों की तादाद और अतिक्रमण की संख्या बढ़ती जा रही है। कई जने भवन निर्माण कर रहे हैं, लेकिन एेसा लग रहा है मानो प्रशासन कुंभकरण की नींद सो रहा है।

पंचायत समिति मुख्यालय पाटोदी में अतिकर्मियों की सूची दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। कई जने ओरण, गोचर, घुड़दौड़ की जमीन पर कच्चे व पक्के निर्माण कर काबिज हो गए हंै। वहीं अभी भी अतिक्रमण जारी है। राजस्व विभाग ने दो बार सर्वे करवाया, इसमें अतिक्रमण बढऩे की पुष्टि की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की।

बेशकीमती जमीन पर कब्जा-

पाटोदी में गोवंश के चरागाह के लिए गोचर भूमि है। इसके पास भी घुड़दौड़ मैदान है। यह जमीन मुख्य सड़क के पास होने से बेशकीमती है। जिस पर लंबे समय से अतिक्रमण किए हुए हैं।

राजस्व विभाग ने चिन्हित अतिक्रमण की सूची दो बार जिला प्रशासन को भेजी, लेकिन इन्हें हटाने के आदेश जारी नहीं किए गए। इससे अतिक्रर्मियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।

तीन साल पहले पहली सूची-

राजस्व विभाग ने करीब 3 साल पहले सर्वे करवाया था। इसमें 11 बीघा 8 बिस्वा जमीन पर 58 अतिक्रमण किए जाने चिह्नित किए गए थे। इसकी सूची जिला प्रशासन को भिजवाई, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की। इस पर अतिक्रर्मियों ने ओर अतिक्रमण किए।

राजस्व विभाग दूसरी बार सर्वे करने पर अतिक्रमण की संख्या बढ़कर 75 तक पहुंच गई। प्रशासन के किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं करने से अतिक्रर्मियों ने यहां इमारतें खड़ी कर दी। इसे किराए पर देकर ये अच्छी कमाई कर रहे हैं। कई जनों ने दुकानें, प्लॉट बेचकर लाखों रुपए कमाए।

सीमांकन कर दी रिपोर्ट-

अतिक्रमण को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर भू प्रबंध विभाग जोधपुर टीम के साथ में पाटोदी नायब तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के कार्मिकों ने जीपीएस की सहायता से भूमि सीमांकन किया था। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण चिन्हित कर इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी ।

इस सूची में कई जनप्रतिनिधियों व रसुखदार लोगों के भी के नाम शामिल हैं। इस पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर टालमटोल कर रहा है। कार्रवाई अभाव में अतिक्रमी जहां कच्चे, पक्के निर्माण कर रहें, वहीं भूखंड़ों को बेच मालामाल हो रहे हैं।

फर्द रिपोर्ट तैयार की गई -

अतिक्रमण को लेकर मिली शिकायत पर बुधवार को फर्द रिपोर्ट तैयार की गई। भवन निर्माणकर्ता मालिकों को कार्य नहीं करने के लिए पाबंद किया गया।

- मदनलाल विश्नोई, पटवारी पाटोदी

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