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बच्चों में स्कू  ल खुलने का उमंग, स्कू  लों का भी बदलेगा रंग-ढंग

- नवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं १५ जनवरी के बाद होगी शुरू- विद्यार्थियों में उमंग तो स्कू  ल प्रबंधन जुटा कोविड नियमों की पालना के साथ पढ़ाई शुरू करवाने में - करीब दस माह बाद होगी नियमित पढ़ाई

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बच्चों में स्कू  ल खुलने का उमंग, स्कू  लों का भी बदलेगा रंग-ढंग

बच्चों में स्कू  ल खुलने का उमंग, स्कू  लों का भी बदलेगा रंग-ढंग

बाड़मेर. कोरोना के चलते बंद हुई पढ़ाई को अब फिर से शुरू करने की कवायद हो रही है। राज्य सरकार ने १५ जनवरी से स्कू ल, कॉलेज खोलने की घोषणा की तो स्कू ल प्रबंधन व विद्यार्थीवर्ग दोनों की तैयारियों में जुट गए हैं। एक तरफ जहां विद्यार्थी किताबें, बैग संभाल रहे हैं तो स्कू ल प्रबंधन कोरोना नियमों की पालना करके कैसे पढ़ाई शुरू की जाए इसकी तैयारी में है। सैनेटाइजर, मास्क की अनिवार्यता व सोशल डिस्टेंस की पालना को लेकर विशेष तैयारी स्कू ल प्रबंधन कर रहे हैं। देश में कोरोना का संकट देखते हुए प्रधानमंत्री ने २२ मार्च को लॉकडाउन की घोषणा की थी। लॉकडाउन लगते ही स्कू ल, कॉलेज बंद कर दिए गए। इसके दो माह बाद अनलॉकडाउन शुरू हुआ लेकिन स्कू ल, कॉलेज बंद ही रहे। इसके बाद विद्यालयों के ताले जरूर खुले लेकिन पढ़ाई शुरू नही हुई। अब प्रदेश सरकार ने १५ जनवरी से प्रदेश में स्कू ल, कॉलेज खोलने का निर्णय किया है। इसके तहत प्रतिदिन कक्षा के पचास फीसदी विद्यार्थियों को स्कू ल आने दिया जाएगा। सरकार के निर्णय के बाद विद्यार्थी और उनके अभिभावक स्कू ल खुलने से पूर्व की तैयारी में जुट गए हैं।

बैग, किताबों की ले रहे सार-संभाल- सरकार ने नवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं में शिक्षण कार्य आरम्भ करने का निर्णय किया है। इसके बाद इन कक्षाओं में अध्ययनरत विद्यार्थी अभी से स्कू ल की तैयारी शुरू कर रहे हैं। हालांकि अधिकांश विद्यार्थी घरों में ही पढ़ाई कर रहे हैं।

अब एक सप्ताह बाद स्कू ल खुलने पर वे बैग, किताब, कॉपी, स्कू ल डे्रस आदि को लेकर तैयारी में जुटे हुए हैं। स्कू ल प्रबंधन जुटा कैसे करे कोरोना बचाव में- स्कू ल में कोरोना बचाव को लेकर पुख्ता प्रबंध रखने के निर्देश हैं। एेसे में विद्यालय प्रबंधन इस तैयारी में है कि बच्चों को कोरोना से बचाव को लेकर कैसे सजग रखा जाए। स्कू ल में घुसते ही सेनेटाइजर का उपयोग, मास्क की अनिवार्यता और कक्षा में दो विद्यार्थी के बीच दूरी रखने का जिम्मा शिक्षकों को सौंपा जा रहा है।

खांसी-जुकाम होते ही भेजे देंगे घर- विद्यालय प्रबंधन के अनुसार वे कोरोना को लेकर कोई खतरा नहीं लेंगे। किसी बच्चे को खांसी-जुकाम हुआ तो उसे एेतिहात के तौर पर घर भेज दिया जाएगा। जिससे कि अन्य बच्चे संक्रमित न हो।