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गड़बड़झाला: वाहनों के फिटनेस केंद्र पर ताला, फिर भी 350 वाहनों के जारी हो गए प्रमाण पत्र!

- परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत का अंदेशा,कार्रवाई की बजाय मामले पर डाल रहे है पर्दा, नवम्बर में बंद हुआ था विभाग का फिटनेस केन्द्र  

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Fake fitness certificate of vehicles

Fake fitness certificate of vehicles

भवानीसिंह राठौड़@बाड़मेर. वाहनों को फिट रखने के लिए जारी होने वाला फिटनेस प्रमाण पत्र तीन माह से फर्जीवाड़े की बुनियाद पर टिका रहा और अनफिट वाहन फर्जी फिटनेस प्रमाण पत्र लेकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह खेल नियम-कायदों को ताक में रखकर परिवहन विभाग के जिम्मेदार कार्मिकों की संभवत: मिलीभगत से फिटनेस जांचने के नाम पर चलता रहा। अब मामला उजागार होने पर विभागीय अधिकारियों से न उगलते बन रहा है, ना निगलते। जिम्मेदार अधिकारी जांच का हवाला देकर मामले पर पर्दा डालने में जुटे हैं। जबकि अनफिट वाहन सड़कों पर यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।

बिना वाहनों की जांच फिट का प्रमाण
पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि गणपति फिटनेस सेंटर 11 नवंबर 2019 को परिवहन विभाग ने बंद कर दिया था। इसके बाद जिले भर के वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र इंस्पेक्टर की जांच के बाद परिवहन कार्यालय से जारी हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के कार्मिकों की अंधेरगर्दी या मिलीभगत के चलते 350 फर्जी फिटनेस प्रमाण पत्र बिना वाहनों की जांच किए सेंटर की आइडी से जारी हुए हैं।

संचालक को नोटिस जारी
परिवहन विभाग ने मामला उजागार होने के बाद महज गणपति फिटनेस केन्द्र को कागजी नोटिस जारी किया है। जिसमें जबाव मांगा है कि आपका केन्द्र बंद होने के बावजूद फिटनेस की लॉगिन आईडी से प्रमाण पत्र कैसे जारी हुए? लेकिन जिम्मेदार परिवहन विभाग के कार्मिकों पर अब तक कोई कार्रवार्ई नहीं की गई है।

सब कुछ फर्जी
पड़ताल में सामने आया है कि प्रारंभिक जांच में बंद किए गणपति फिटनेस सेंटर में नियुक्त कार्मिक व एक अन्य ने षडय़ंत्र रचकर फर्जी तरीके से दस्तावेज व रबर मुहर जिला परिवहन अधिकारी के नाम की तैयार कर ऑनलाइन ओटीपी प्राप्त कर फर्जी फिटनेस प्रमाण पत्र जारी कर दिए।

यों जारी होता है फिटनेस प्रमाण
नियमानुसार वाहन का फिटनेस जारी करने के दौरान आरसी, इंश्योरेंस, पीयूसी, परमिट, टैक्स के सभी दस्तावेज की जांच के बाद मैकेनिक हाईटेक मशीन से वाहन की जांच की जाती कि वह खटारा या कंडम हालत में तो नहीं है। उसके बाद परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर जांच कर ग्रीन टैक्स जमा होने के बाद फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

- डीटीओ का गोलमोल जबाव
फर्जी फिटनेस जारी करने का मामला सामने आया है। फिटनेस केंद्र के संचालक को नोटिस जारी किया है। लेकिन पूरा मामला जांच के बाद बता पाऊंगा। अभी कुछ बताने की स्थिति में नहीं हूं। जांच चल रही है।- नीतिन बोहरा, जिला परिवहन अधिकारी, बाड़मेर