
Barmer Jat samaj news
बाड़मेर. करीब डेढ़ वर्ष पहले साता में आपसी मारपीट और उसमें घायल वीरमाराम की गत माह हुई मौत के मामले में नामजद आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने जिला मुख्यालय पर हुंकार भरी। सरकार को चेताया कि शीघ्र ही इस मामले में कार्रवाई करें अन्यथा आंदोलन और तेज करेंगे। जिला कलक्टर के मार्फत मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में 14 नवम्बर तक का अल्टीमेटम दिया है कि इस मामले में हत्या की धारा जोड़ते हुए आरोपितों की गिरफ्तारी की जाए। ऐसा नहीं होने पर बाड़मेर बंद व विधानसभा घेराव की चेतावनी दी।
ईंट का जबाव पत्थर से देंगे- सांसद कर्नल सोनाराम
वीरमाराम प्रकरण को लेकर पुलिस अधिकारियों ने बार-बार जांच बदली है। न्याय में देरी जरूर हुई है लेकिन हमें उम्मीद है कि अब इंसाफ जरूर मिलेगा। अन्यथा ईंट का जबाव पत्थर से देना पड़ेगा।
किसान के साथ अन्याय, सरकार की कमजोरी- पूर्व सांसद हरीश चौधरी
वीरमाराम के साथ अन्याय हुआ है। इसके खिलाफ समाज न्याय की लड़ाई पुरजोर लड़ेगा। पुलिस ने मामले की तफ्तीश को गुमराह किया है। यह सरकार की कमजोरी है। प्रशासन हमारी परीक्षा नहीं लें। अगर अब मजबूर किया तो लाखों किसान सड़कों पर उतर जाएंगे।
बहुत हो गई जांच, अब न्याय मिले
बाड़मेर शहर के हरलाल छात्रावास में समाज के युवा खेताराम ने कहा कि जांच अब बहुत हो गई। अब तो आर-पार की लड़ाई लडऩी होगी,हमें न्याय चाहिए। प्रधान ताजाराम ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस की इस तरह लचर कार्यप्रणाली पहले कभी नहीं देखी। डालूराम ने कहा कि मामले को 18 माह को बीत गए हैं। बार-बार झूठे आश्वासन दे रहे हैं। वीरमाराम ने कोई गुनाह नहीं किया था। महज एक चुनाव लड़ा था।
इन्होंने भी किया संबोधित
प्रधान कुम्भाराम, पूर्व प्रधान मूलाराम पाबड़ा, मूलाराम बेनीवाल, प्रधान पदमाराम मेगवाल, उदाराम मेगवाल, लक्ष्मणसिंह गोदारा, नरसिंग कड़वासरा, सोहनलाल भाम्भु, सिमरथाराम, प्रधान पुष्पा चौधरी, रविन्द्र पोटलिया, पप्पूराम गोदारा, रूपसिंह जाखड़, वीरमाराम जाणी, भूराराम गोदारा, डॉ. मनीष चौधरी, डॉ. रमन चौधरी, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष मूली चौधरी सहित कई जनों ने सम्बोधित किया।
यह था मामला
करीब डेढ़ साल पहले रंगवाली निवासी बांकाराम, प्रभुराम व वीरमाराम पर साता गांव की सरहद में देर रात आरोपितों ने हमला कर दिया। इसमें तेजदान,महेशदान व जसदान सहित चार जनों के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ था। आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2015 के पंचायतीराज चुनाव में ग्राम पंचायत साता के सरपंच पद के लिए तेजदान की पत्नी लीला कंवर के विरुद्ध रंगवाली निवासी बांकाराम की पत्नी टुग्गी देवी ने चुनाव लड़ा था। लीला कंवर ने जीत हासिल की थी। इसके बाद लीला कंवर के फर्जी अंकतालिकाओं के आधार पर चुनाव लडऩे का आरोप लगाते हुए बांकाराम ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। इससे आपसी रंजिश बढ़ गई। आरोपितों ने वीरमाराम सहित तीन जनों पर हमला कर दिया। वीरमाराम गंभीर घायल हो गया था। उसकी पिछले दिनों मौत हो गई।
Published on:
23 Oct 2017 09:58 pm
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