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किसान मांग रहे 1000 करोड़, कंपनी कह रही बोया ही नहीं

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Farmers are demanding 1000 crores, the company is not telling the buoy

Farmers are demanding 1000 crores, the company is not telling the buoy

किसान मांग रहे 1000 करोड़, कंपनी कह रही बोया ही नहीं

वर्ष- 2017-18 का मामला, राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद कृषि विभाग ने मांगा वास्तविक क्लेम

भवानीसिंह राठौड़
बाड़मेर पत्रिका.

वर्ष 2017-18 की खरीफ फसल बीमा क्लेम को लेकर इंतजार कर रहे किसानों के लिए संबंधित कंपनी ने कह दिया कि किसानों ने बुवाई की ही नहीं है। प्रशासन और कृषि महकमा अनुशंषा कर चुका है कि बीमा राशि के किसान हकदार है लेकिन कंपनी टस से मस नहीं हो रही। अब जिला कलक्टर ने केन्द्र सरकार स्तर पर अपील की है। 1000 करोड़ का बीमा क्लेम 4 लाख किसानों को भुगतान होना है। राज्य सरकार की ओर से प्रीमियम हिस्सा राशि 378.79 करोड़ जमा किए जा चुके है।
1200 बन रहा था, 1050 करोड़ की सीमा

जिले में वर्ष 2017-18 में 4 लाख किसानों को खरीफ फसल का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम मिलना था क्योंकि फसल बुवाई के बाद खराबा हो गया था। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के बाद करीब 1200 करोड़ का फसल बीमा क्लेम किसानों के लिए प्रस्तावित किया गया हालांकि कंपनी की ओर से अधिकतम 1050 करोड़ रुपए क्लेम निर्धारित कर रखा है। जिले में प्रति किसान करीब 19 हजार रुपए का क्लेम मिलना है।
258.59 करोड़ ही दिया

पत्रिका पड़ताल में सामने आया है कि पीएम फसल बीमा योजना के तहत 378.79 करोड़ का प्रीमियम हिस्सा सरकार ने कंपनी को दे दिया, लेकिन कंपनी ने 258.59 करोड़ का फसल बीमा क्लेम स्वीकृत किया। कंपनी का तर्क है कि फसल की बुवाई नहीं हुई है। ऐसे में मामला अटक गया।
अपील भेजी है

फसल बीमा योजना में क्लेम राशि कंपनी की वजह से अटक गई है। इसको लेकर अपील भी भेजी है। केन्द्र सरकार स्तर पर मामला है।
- हिमांशु गुप्ता, जिला कलक्टर, बाड़मेर

100 फीसदी क्लेम मिलना है
कंपनी की लापरवाही के चलते किसानों का क्लेम अटका हुआ है। कंपनी ने रिपोर्ट मांगी थी, हमने भेज दी है। 100 प्रतिशत खरीफ फसल क्लेम मिलना है। - किशोरलाल वर्मा, उप निदेशक, कृषि विभाग, बाड़मेर