
किसान वैज्ञानिक तरीके से करें खेती, मिलेगा अच्छा मुनाफा
बाड़मेर. कृषि विज्ञान केन्द्र दांता बाड़मेर में पशुपालन विभाग, बाड़मेर की ओर से पशुपालक, कृषको के भ्रमण दल ने भ्रमण किया।
इस दौरान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ विनय कुमार ने किसानों को केन्द्र की ओर से संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि जिले में जीरा एवं इसबगोल रबी की मुख्य फसल है जिसको किसान जिसकी वैज्ञानिक ठंग से खेती करें तो अच्छा उत्पादन ले सकता है। इसके लिए किसान फसल बुवाई से पूर्व सड़ी हुई गोबर की खाद डालकर बीज को उपचारित करके बोएं ।
किसान अपने कृषि उत्पाद को उत्पादक संगठन के साथ जुडक़र बेचते हैं अच्छा मुनाफा हो सकता है। पशुपालन विशेषज्ञ बी.एल.डांगी ने कहा कि जिले में पशुधन की संख्या के अनुसार अगर उनका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन किया जाए तो अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है। उन्होंने पशु आहार को लेकर जानकारी दी।
डांगी ने बताया कि पशुपालकों को गाय, भैंस को 50 ग्राम एवं बकरी को 20 ग्राम खनिज मिश्रण का समावेश इनके आहार में प्रति दिन मिला कर खिलाएं। डांगी ने कहा कि पशुओं के आहार में अजोला घास गाय, भैंस को 1-1.5 किलो एवं भेड़, बकरी को 250 - 500 ग्राम मुर्गी को 50 ग्राम प्रति दिन खिलाने से दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ बकरी के बच्चों का वजन अच्छा मिलता है एवं मुर्गी में अंडों की संख्या बढती है।
मृदा विशेषज्ञ गोविन्द सैन ने किसानों से मिट्टी एवं पानी की जांच कराने व मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाकर ही खाद एवं उर्वरको का प्रयोग करने की बात कही।
पशुपालन विभाग, बाड़मेर से डॉ. भंवर लाल ने किसानों को सिरोही नस्ल की बकरी के बारे में जानकारी दी । पशुपालन विभाग, बाड़मेर से डॉ तेजपाल ने बताया की चौहटन तहसील से पशुपालकों को भ्रमण के लिए केन्द्र पर लाया गया।
Published on:
28 Dec 2021 01:09 am
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