
आसमान से बरस रही आग और ये धूप में ड्यूटी को मजबूर
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बालोतरा. आसमान से बरस रही आग के बीच तपती दोपहरी में 12-12 घंटे ड्यूटी देने को ट्रैफिककर्मी मजबूर हो रहे हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मी धूल, धुंआ और धूप में सड़क किनारे खड़े रहकर 12 घंटे यातायत व्यवस्था संभालने के साथ चालान भी काटने पड़ते हैं। ऐसे में उनके लिए न तो खड़े होने की व्यवस्था है और ना ही पर्याप्त पीने के पानी का इंतजाम।
यहां तो गुमटियां ही नहीं- द्वितीय रेलवे फाटक, डाक बंगला, नया बस स्टैण्ड, पुराना बस स्टेण्ड, छतरियों का मोर्चा, नगर परिषद सहित अन्य कई ऐसे प्वाइंट हैं, जहां पर दिनभर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती तो रहती है,लेकिन गुमटी की व्यवस्था नहीं है। ये शहर के ऐसे प्वाइंट हैं, जहां दिनभर में हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। इन जगहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को कड़ी मशक्कत के बीच ड्यूटी देनी पड़ती है, लेकिन उन्हें वहां दो पल आराम भी नहीं मिलता।
सुविधाएं भी नहीं हो रही नसीब- बड़े शहरों में गर्मी से बचाव के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को ग्लब्ज, सन क्रीम, मास्क और ग्लूकोज दिया जाता है। बालोतरा में यह सुविधा तो दूर छांव में खड़े रहने या बैठने के लिए स्थान भी नहीं मिल रहा।
इसलिए हो रही दिक्कत- शहर में दिनोंदिन यातायात बढ़ रहा है। इसके चलते एक तरफ जहां यातायात पुलिस की नफरी में बढ़ाूेतरी की जरूरत महसूस की जा रही है तो यातायाताकर्मियों को प्रदूषण से बचाव को लेकर भी प्रयास की जरूरत है। शहर में यातायात पुलिस कर्मियों की कमी के चलते कार्यरत कार्मिकों को हार्ड डयूटी निभानी पड़ रही है। साथ ही प्रदूषण के बचाव को लेकर मास्क के साथ हाथों के गल्ब, चश्में, सनलोशन क्रीम की जरूरत भी है।
नौकरी तो करनी पड़ती है - हमारी तो नौकरी है, करनी ही पड़ेगी। वैसे दोपहर में लंच होता है। कई स्थानों पर गुमटियां भी नहीं हैं। - सपाराम, यातायात प्रभारी बालोतरा
02- बालोतरा. रेलवे स्टेशन के बाहर धूप में यातायात व्यवस्था संभालता यातायातकर्मी।
Published on:
30 May 2018 09:37 pm
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