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पहले पेयजल लाइनें तोड़ी, अब नहीं रोक रहे काम, कैसे करें पेयजल का इंतजाम

कई इलाकों में एक माह से जलापूर्ति बन्द
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 30 May 2018, 1:32 AM IST

पहले पेयजल लाइनें तोड़ी, अब नहीं रोक रहे काम, कैसे करें पेयजल का इंतजाम

पहले पेयजल लाइनें तोड़ी, अब नहीं रोक रहे काम, कैसे करें पेयजल का इंतजाम

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जसोल.
पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा पेयजल योजना के कार्य ने जसोल में पेयजल संकट की स्थिति कर दी है। क्योंकि कार्य के दौरान कस्बे की पेयजल लाइन को जगह-जगह नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, मात्र तीन दिन तक कार्य रोक पहले कस्बे में जलापूर्ति करने के जलदाय विभाग के अनुरोध को नहीं मानने से स्थिति और विकट हो गई है।

20 हजार की आबादी वाले कस्बे जसोल में बंद पेयजल आपूर्ति से रहवासियों की हालत खस्ता है। कस्बे में पेयजल परियोजना के चल रहे कार्य से एक पखवाड़ा से रहवासी पानी को तरस रहे हैं।

यहां एक पखवाड़ा से पोकरण- फलसूण्ड- बालोतरा पेयजल योजना को लेकर पेयजल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। संबंधित ठेकेदार ने एक सप्ताह पूर्व भी जलदाय विभाग की मुख्य पेयजल लाइन, जो गोलिया से आती है, को क्षतिग्रस्त किया था। इससे कस्बे में बिगड़ी पेयजल व्यवस्था पर परेशान जलदाय विभाग के अधिकारियों ने परियोजना ठेकेदार को कस्बे के 28 जोन में तीन दिन पेयजल आपूर्ति करने देने व इस दौरान खुदाई व पाइप बिछाने का कार्य नहीं करने का अनुरोध किया। इससे की रहवासी पानी को संग्रहित कर सके, लेकिन उसने इसे नहीं माना। उल्टे पांच से छह जगहों से मुख्य पेयजल लाइन को तोड़ दिया। जलदाय विभाग ने इसे ठीक किया तो दूसरे जगहों पर लाइन तोड़ दी। इस पर कई दिनों से कस्बे में पेयजल आपूर्ति बंद है।

रसुखदारी के चलते मनमर्जी- जानकारी अनुसार ठेकेदार जालोर क्षेत्र के एक विधायक का रिश्तेदार अथवा परिचित है। इस पर वह स्थानीय जलदाय विभाग के अधिकारियों के निर्देशों पर कोई ध्यान नहीं देकर मनमाने तरीके से कार्य कर रहा है। ऐसे में भीषण गर्मी में बंद जलापूर्ति से रहवासियों की हालत खस्ता है।

पानी को मोहताज-
कस्बे में पेयजल आपूर्ति बंद है। बूंद-बूंद पानी को मोहताज हो गए हंै। कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। आम आदमी परेशान है।

32के. गीतादेवी सेवग
जल्दी दें राहत- एक ओर भीषण गर्मी व दूसरी ओर पानी नहीं, इस स्थिति में जीना मुश्किल हो गया है। प्रशासन पेयजल व्यवस्था को शीघ्र शुरू करें। इससे गरीब परिवारों को राहत मिले।

33के. पीनाकंवर जसोल
एक माह से व्यवस्था डांवाडोल- कस्बे में एक माह से पेयजल व्यवस्था लडख़ड़ाई हुई है। मोल पानी खरीदते-खरीदते बजट गड़बड़ा गया है। प्रशासन तुंरत जलापूर्ति शुरू करें।

34के. मंजू कोठारी