
First BLO burden on teachers, now e-gram charge came
बाड़मेर. सीमावर्ती जिले की स्कूलों में पद रिक्तता की समस्या पहले से ही चल रही है। इसके साथ शिक्षकों को बीएलओ सहित अन्य प्रभार सौंपे हुए हैं। शिक्षकों को वर्तमान में अब ई ग्राम का प्रभार दे दिया है। ऐसे में जहां स्कूलों में पढ़ाई बाधित होगी तो दूसरी और शिक्षकों के लिए यह अतिरिक्त कार्य करना मुश्किल हो जाएगा।
ये कार्य करेंगे ई-ग्राम प्रभारी
ई-ग्राम प्रभारी शिक्षकों को प्रत्येक माह ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं व कमियों को ऑनलाइन करना होगा। इसके लिए ग्रामीणों व सम्बधित कार्मिकों से सूचना का संग्रहण करना होगा।
ऐसे में शिक्षकों का विद्यालय में समय देना मुश्किल होगा। जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। शिक्षकों को इस कार्य करने के लिए अलग से कोई मानदेय भी नहीं मिलेगा।
पहले से बीएलओ का प्रभार
शिक्षकों को पूर्व में बीएलओ का प्रभार दिया गया है। इसके अलावा जनगणना, अकाल राहत प्रभारी सहित अन्य कार्य भी जिम्मेदारी में है। इसके अलावा भी शिक्षकों के पास कई अन्य कार्य मिले हुए हैं। अब नया जिम्मा मिलने से शिक्षक परेशान हैं।
परीक्षा के दिनों में कैसे करेंगे तैयारी
स्कूलों में अभी परीक्षाओं को लेकर तैयारियां जारी है। इस बीच में शिक्षकों को ई-प्रभार मिलने से बच्चों की परीक्षा की तैयारियों व एक्स-ट्रा क्लास लगाने की योजना को ग्रहण लगने की आशंका बढ़ गई है।
आदेश निरस्त होने चाहिए
शिक्षकों को पहले से कई कार्य दिए हुए। अब ई ग्राम का प्रभारी बनाया है। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित होगा। सर्वोच्च न्यायालय ने भी शिक्षकों को 5 कार्यों के अलावा अन्य कार्य नहीं देने के निर्देश दिए है। इसकी पालना होनी चाहिए।
बांकाराम सांजटा, प्रदेश उपाध्यक्ष, राजस्थान शिक्षक एवं पंचायतीराज कर्मचारी संघ बाड़मेर
Published on:
28 Feb 2020 06:54 pm
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