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गोलगप्पे बेचने वाले ने दिया गौशाला में एक लाख का दान, हर कोई रह गया दंग

अपना नाम करने के लिए हर कोई दान देता है, लेकिन यहां पर ठेला लगाकर गोलगप्पे बेचने वाले ने अपने रोजाना कमाई से दिल खोलकर गौशाला में दान देने का अनोखा नजारा सामने आया।
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बाड़मेर

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kamlesh sharma

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Updated: 16 Apr 2022, 6:51 PM IST

Golgappa seller donated one lakh in Gaushala at barmer

सिणधरी(बाड़मेर)। अपना नाम करने के लिए हर कोई दान देता है, लेकिन यहां पर ठेला लगाकर गोलगप्पे बेचने वाले ने अपने रोजाना कमाई से दिल खोलकर गौशाला में दान देने का अनोखा नजारा सामने आया।

सिणधरी मुख्य कस्बे के मेला मैदान में एक शाम गौ माता के नाम विशाल भजन संध्या का आयोजन एक अप्रेल को किया गया था, उस दौरान गौशाला में दान देने को लेकर बोलियां लग रही थी तब ठेला लगाकर गोलगप्पा बेचने वाले व्यक्ति ने एक लाख एक हजार की बोली लगाते हुए अपनी पुणे कमाई में गौशाला में दान दिया। जिसको देखकर हर कोई दंग रह गया। गोलगप्पे वाले ने केवल अपनी नियमित गाड़ी कमाई से गौ माता की सेवा के लिए गौशाला में दान दिया।

गोलगप्पे बेच कर एक दिन में होने वाली गले की राशि भी दान
दान देने वाले हर कोई होते हैं लेकिन गोलगप्पे ठेला धारक विशनाराम पुत्र मूलाराम एक अनोखी मिसाल पेश की । एक दिवस में गले में एकत्रित होने वाली राशि बिना गिनती किए पोटकी में बांधकर गौ माता के नाम मंच पर सौंप दिया।

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विशनाराम का प्रसिद्ध है गोलगप्पा
विशनाराम नवाद मूल रूप से सिणधरी उपखंड क्षेत्र के एड सिणधरी ग्राम पंचायत के निवासी हैं। जो पिछले कई वर्षों से अपने पुत्र की पढ़ाई के साथ साथ गोलगप्पे बेचने का कार्य सिणधरी में करते हैं। विशनाराम का पुत्र जोगाराम विद्यालय से लौटने के बाद अपने पिता के साथ शाम 5 बजे से 7 तक ठेला लगाने के काम में हाथ बढ़ाता है।