
बेहतर परिणाम में निजी को पछाड़ रहे सरकारी स्कूल
दिलीप दवे
बाड़मेर. कमजोर छात्र मतलब सरकारी विद्यालय की सोच अब बदलने लगी है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर के परिणाम ने कम से कम सीमावर्ती बाड़मेर जिले की धारणा को तो बदला ही है। यहां सौ फीसदी परिणाम देने वाले विद्यालयों में सरकारी स्कूल की तादाद ज्यादा है।
वाणिज्य वर्ग हो या फिर कला वर्ग दोनों में सरकारी विद्यालयों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले में सरकारी विद्यालयों के प्रति लोगों की सोच को बदला है।
सीमावर्ती बाड़मेर जिले के सरकारी विद्यालय अब बेहतर परिणाम देकर निजी विद्यालयों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। जिले में कला वर्ग का परीक्षा परिणाम घोषित हुआ तो 209 विद्यालयों का परिणाम शत प्रतिशत रहा। इनमें से सरकारी विद्यालयों की तादाद 174 हैं जबकि निजी विद्यालय 35 हैं। वहीं, वाणिज्य के परिणाम में भी सरकारी विद्यालयों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। जिले के 23 विद्यालय ऐसे हैं जहां वर्तमान में बारहवीं में वाणिज्य संकाय चल रहा है।
इनमें से 13 का परिणाम सौ फीसदी रहा। जिसमें से 9 विद्यालय सरकारी है जबकि चार निजी।
पदरिक्तता में कमी, पढ़ाई पर ध्यान- सरकारी विद्यालयों में लम्बे समय से पद रिक्तता चल रही थी। ऐसे में शिक्षण स्तर पर भी कमजोर था। अब सरकारी विद्यालयों में पद रिक्तता में कमी आई है। ऐसे में शिक्षा का स्तर ऊंचा उठा है।
निजी विद्यालयों से टक्कर - सरकारी विद्यालयों में भी निजी विद्यालयों की तरह अतिरिक्त कालांश में पढ़ाई चल रही है। वहीं, अभिभावकों से सम्पर्क, विद्यार्थियों से सीधा संवाद, ऑनलाइन शिक्षण पर ध्यान देने से भी सरकारी विद्यालयों का परीक्षा परिणाम सुधरा है।
अभिभावकों की बदली सोच- बदलते वक्त के साथ अभिभावकों की सोच में भी बदलाव हो रहा है। हाल ही में सैकड़ों अभिभावकों ने निजी विद्यालयों से बच्चों को सरकारी विद्यालयों में दाखिला दिया है।
प्रदेश में प्रकाश ने फहराया परचम- सरकारी विद्यालयों में शिक्षा के स्तर में बदलाव का उदाहरण राउमावि लोहारवा का प्रकाश फुलवारिया है। उसने कला वर्ग में प्रदेश में 99. 20 फीसदी अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
विशेषज्ञ शिक्षक करवाते शिक्षण- सरकारी विद्यालयों में विषय के विशेषज्ञ शिक्षक शिक्षण करवाते हैं। कुछ समय से पदरिक्तता कम हुई है तो शिक्षकों में भी नवाचार के साथ निजी विद्यालयों से टक्कर की सोच आई है। ऐसे में सरकारी विद्यालयों का परिणाम बेहतर रह रहा है।- महेन्द्रकुमार डऊकिया, प्रधानाचार्य राउमावि बायतु पनजी
सरकारी विद्यालयों का परिणाम बेहतर- इस बार सरकारी विद्यालयों का परिणाम बेहतर नजर आ रहा है। अच्छे परिणाम के चलते प्रवेशोत्सव में भी सुखद परिणाम की आशा है।- गुलाबङ्क्षसह राठौड़, एडीईओ बाड़मेर
Published on:
27 Jul 2020 09:05 pm
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