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काश्तकारों को अनुदान पर दिया जाने वाला बीज कार्मिकों ने बाजार में बेच दिया, मौके पर मिलीं सिर्फ खाली थैलियां; कार्यालय सीज

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government send seeds for farmer, Workers sold it

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बाडमेर.
सेड़वा उपखंड मुख्यालय पर स्थित कृषि सेवा केंद्र में काश्तकारों को अनुदान पर दिया जाने वाला बीज कार्मिकों ने बाजार में बेच दिया।

छोटी पैकिंग में आने वाले मूंग, मोठ तथा अरंडी के बीज को कट्टों में भर बाजार ले जाया जा रहा था। इसकी सूचना पर पटवारी ने मौके पर पहुंच अनुदान का बीज जब्त किया। इस दौरान मौके पर जमा ग्रामीणों से समझाइश कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

पटवारी जोगाराम ने बताया कृषि विभाग की ओर से काश्तकारों को वितरण किया जाने वाला अनुदानित बीज के कालाबाजारी की सूचना पर उन्होंने मौके पर पहुंच दो युवकों के कब्जे से चार कट्टों में भरा 40.180 किलो मूंग, 128.150 किलो मोठ तथा 36.460 किलोग्राम अरण्डी के बीज को बाजार में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। जिसको मौके पर ही ग्रामीणों की मौजूदगी में जब्त कर वापस कृषि विभाग गोदाम सेड़वा में रखवाया गया।

यह बीज हाथ ठेले पर ले जा रहे रसूल पुत्र गफूर खान तेली से पूछताछ की तो उसने बताया कि बीज भागुराम पुत्र जिमाराम कृषि विभाग बिसासर ने भरवाया है। दोनों से संयुक्त पूछताछ करने पर पता चला कि बीज भंवरलाल कृषि पर्यवेक्षक सांता की ओर से भरवाया गया था। जांच में कृषि गोदाम से बीज की छोटी पैकिंग की खाली थैलियां बरामद हुई। इन्हें जब्त कर उन्होंने पुलिस को सूचित किया। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दो जनों को हिरासत में लिया।


इस दौरान ग्रामीण भैराराम नेहरों का तला सहित कई किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंप बताया कि कृषि अनुदानित बीज की कालाबाजारी को लेकर सही जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करावें। इस पर पटवारी व पुलिस ने मौका रिपोर्ट बना कृषि विभाग के कार्यालय को सीज किया।

कलक्टर को ज्ञापन सौंपा, आंदोलन की दी चेतावनी
बाड़मेर ञ्च पत्रिका . समदड़ी में नसबंदी के बाद एक महिला की मौत के एक साल पहले के मामले में जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी देते हुए संबंधित चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी को हटाने की मांग की।

अम्बालाल राजपुरोहित, सुरेन्द्रसिंह, ओमसिंह आदि के प्रतिनिधि मण्डल ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि सोरकीदेवी राजपुरोहित निवासी मांगला की १२ मई २०१७ को नसबंदी के बाद मृत्यु हो गई थी। अस्पताल के चिकित्सक एवं नर्सिंगकर्मी की लापरवाही को लेकर इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इस मामले के बावजूद दोनों समदड़ी में ही पदस्थापित है। ज्ञापन में चेतावनी दी कि दोनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।