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बाड़मेर

486 बेड का मेडिकल कॉलेज अस्पताल, 10 हजार मरीज और परिजन आते है रोजाना, 1 पूछताछ केंद्र तक नहीं

-राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल के हालात-रोजाना हजारों मरीज पूछताछ केंद्र के अभाव में होते हैं परेशान-चिकित्सकों के कक्ष बन गए हैं पूछताछ केंद्र

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बाड़मेर. राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध जिला अस्पताल में पूछताछ केंद्र नहीं है। इसके कारण मरीज और परिजन भटकते रहते हैं। हालात यह हो चुके हैं कि मरीज किसी भी कक्ष में घुस जाते हैं और संबंधित जानकारी के लिए पूछने लगे हैं। अस्पताल में चिकित्सकों के साथ शायद ही कोई कक्ष बचा होगा, जहां पर किसी ने जाकर पूछताछ नहीं की हो। इससे मरीजों के साथ चिकित्सक भी परेशान हो रहे हैं। जबकि पूछताछ केंद्र किसी भी अस्पताल की एक सामान्य जरूरत है। लेकिन बाड़मेर में पूछताछ केंद्र को लेकर अस्पताल प्रबंधन गंभीर नजर नहीं आ रहा है।

जिला अस्पताल की औसतन रोजाना ओपीडी करीब 3-4 हजार है। प्रत्येक मरीज के साथ कम से कम एक व्यक्ति आता ही है। इसके चलते अनुमानित करीब 10 हजार लोग आते-जाते हैं। मरीज और परिजन यहां खासकर जांच और चिकित्सक कहां बैठते इसकी जानकारी को लेकर भटकते दिखते हैं। उन्हें कहीं पर भी पूछताछ केंद्र नजर नहीं आता है, ऐसे में जहां पर भी उन्हें कोई बैठा दिखता है, वहां जाकर जानकारी के लिए पूछ लेते है।
पूरा ओपीडी परिसर बना पूछताछ केंद्र
अस्पताल का ओपीडी परिसर पूरा ही पूछताछ का केंद्र बना हुआ है। प्रत्येेक चिकित्सक का रोजाना ऐसे मरीजों से सामना होता है, जो उपचार के लिए नहीं बल्कि पूछताछ संबंधित जानकारी के लिए आते हैं। चिकित्सक और स्टाफ भी इस तरह की पूछताछ को लेकर परेशान हो जाता है। हालांकि मरीजों की मदद के लिए कर्मचारी आगे रहते हैं, लेकिन रोज-रोज की पूछताछ से चिकित्सकों को मरीजों के उपचार करने में दिक्कत हो रही है।
मरीज बढ़े, इसलिए पूछताछ केंद्र की जरूरत
जिला अस्पताल का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ओपीडी भी काफी बढ़ चुकी है। सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सक बैठ रहे हैं। वहीं 90 बेड का नया वार्ड बन रहा है। आईसीयू और सीसीयू बढ़े हैं। जनाना विंग में भी विस्तार हो रहा है। अस्पताल में जरूरत तो दो पूछताछ केंद्रों की है। एक जनाना विंग में होना चाहिए और दूसरा जनरल हॉस्पिटल में हो। जिससे यहां आने वाले मरीजों और परिजनों को भटकना नहीं पड़े।
विचार कर रहे हैं
अस्पताल में पूछताछ केंद्र खोलने पर विचार किया जा रहा है। ओपीडी में जहां पर जांच रिपोर्ट दी जाती है, वहां पर इनक्वायरी शुरू करने पर चर्चा करेंगे।
-डॉ. बीएल मंसूरिया, पीएमओ व अधीक्षक राजकीय अस्पताल मेडिकल कॉलेज बाड़मेर
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इनके बारे में होती है पूछताछ
-संबंधित डॉक्टर कहां पर बैठते हैं
-इंजेक्शन रूम किधर है
-बीपी-शुगर जांच कहां होगी
-जांच के लिए नमूने कहां पर दें
-एक्स-रे कहां पर होगा
-दवा केंद्र किस तरफ है
-सीटी स्कैन सेंटर कहां है
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जिला अस्पताल : एक नजर
जनरल अस्पताल आइसीयू सहित वार्ड : 18
जनाना विंग आईसीयू सहित वार्ड : 08