6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाड़मेर

फलसूण्ड, हीरा की ढाणी-मौखाब में गिरे ओले, बाड़मेर में भीषण गर्मी से राहत

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 42.4 और न्यूनतम 28.6 डिग्री सैल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार दो-तीन दिन आंधियों का दौर जारी रहेगा। वहीं पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में मेघगर्जन, आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना है। इसमें 6 व 7 मई को बाड़मेर व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है।

Google source verification

उमस ने बढ़ाई परेशानी

रेगिस्तान में आंधी-बारिश होने पर गर्मी से हल्की राहत मिली है। शनिवार को बाड़मेर जिले में तापमान की गिरावट होने पर भीषण गर्मी से हल्की राहत मिली है। वहीं बालोतरा जिले के कुछ इलाकों व जैसलमेर के फलसूण्ड क्षेत्र में ओले गिरे हैं। वहीं ​शिव तहसील के मौखाब में देर रात ओले गिरे जबकि हीरा की ढाणी इलाके में भी ओले पड़े।

अंधड़ व बारिश आने के बाद भीषण गर्मी में कमी आने से लू के थपेड़ों से फिलहाल राहत मिल गई है, लेकिन साथ ही अब उमस सता रही है। पंखों व कूलर के आगे बैठने के बावजूद भी पसीने थमने का नाम नहीं ले रहे।

बालोतरा में तेज हवा से बदला मौसम

बालोतरा. शहर में शनिवार शाम अचानक तेज हवाएं चलने से मौसम ने करवट ली। जहां एक ओर भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं तेज हवा के कारण कई जगहों पर शादी समारोहों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई। तेज हवाओं के चलते खुले स्थानों पर आयोजित विवाह समारोहों में टेंट और पांडाल हिलने लगे। कई जगहों पर साज-सज्जा की वस्तुएं उडऩे की आशंका के चलते आयोजकों को तत्काल व्यवस्थाएं संभालनी पड़ी। तेज हवा से मेहमानों को भी परेशानी झेलनी पड़ी, वहीं कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। मौसम में आए इस बदलाव से दिनभर की तपिश के बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन समारोहों में अचानक आई अव्यवस्था ने आयोजकों की चिंता बढ़ा दी।

फलसूंड में बारिश के साथ गिरे ओले

फलसूण्ड(जैसलमेर). जैसलमेर सहित आसपास के क्षेत्र में शनिवार दोपहर बाद अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे। शनिवार दोपहर बाद क्षेत्र में बादलों की आवाजाही के चलते मौसम ने करवट बदली और कुछ देर में ही तेज गर्जना के साथ तूफानी बारिश हुई, जिससे कई जगह सडक़ें तर हो गई ओर सडक़ों पर ओलों की चादर बिछ गई। तेज बारिश व ओले गिरने से जन-जीवन प्रभावित हो गया। बारिश के चलते फलसूण्ड सहित आसपास के क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई।