
बाड़मेर. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बुधवार को लोकसभा में आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की मांग उठाई। सांसद ने कहा कि देश की संसद ने शासन- प्रशासन की जवाबदेही पारदश्रिता और आम जन को शासन- प्रशासन से जुड़ी तमाम जानकारी सुलभ रूप से उपलब्ध हो सके उसके लिए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 लागू किया था। आज देश में आरटीआई कार्यकर्ताओं पर हमले की घटनाएं सामने आती है। इससे यह लगता है की सदन को उनकी सुरक्षा को लेकर भी पुख्ता प्रावधान देश में लागू करवाने की जरूरत है। उन्होंने राजस्थान के बाड़मेर जिले के गिड़ा थाना में 22 दिसम्बर 2021 को दर्ज मामले की तरफ सरकार का आकर्षित करते हुए कहा कि आरटीआई कार्यकर्ता अमराराम गोदारा का अपहरण करके उस पर जानलेवा हमला किया व बर्बरता से पिटाई की गई, पेरों में किले गाढ़ दी गई और जगह- जगह से उसकी हड्डियों को तोड़ दिया गया और यह सब उसके साथ इसलिए किया गया की उसने पंचायतों से जुड़े जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांग ली। सांसद ने कहा कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वहां की सरकार और पुलिस को तत्काल हमले के साजिशकर्ताओं और सभी आरोपियों की गिरफ्तार करने की जरूरत थी लेकिन आज तक साजिशकर्ता और मुख्य हमलावर पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
पुलिस ने नहीं उठाए सख्त कदम
बेनीवाल ने कहा कि प्रथम दृष्टया जब यह घटना हुई तब गिड़ा के पुलिस थाने के जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध थी क्योंकि हमलावर और साजिशकर्ताओं की थाना अधिकारी सहित अन्य स्टाफ के साथ निकटता जग जाहिर थी इसलिए पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाए। जिले की बात करू तो 10 आरटीआई कार्यकर्ताओं को धमकिया हमले सहित अन्य मामले भी वहां के थानों में दर्ज है। इससे प्रतीत होता है कि की पुलिस कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
पीडि़त जयपुर में मांग रहा है न्याय
सांसद ने कहा कि अमराराम गोदारा अपने बुजुर्ग पिता तथा पत्नी सहित छोटे बच्चों के साथ जयपुर में न्याय की गुहार लगाकर एक सप्ताह से भी अधिक समय से पुलिस आयुक्तालय जयपुर के सामने शहीद स्मारक पर धरने पर बैठा है। उसके बावजूद सरकार और पुलिस गंभीर नहीं है, सांसद ने कहा कि देश की संसद ने सूचना का अधिकार अधिनियम बनाया और उसके संरक्षण के लिए भी केंद्र को हस्तक्षेप करने की जरूरत है। इसलिए सरकार अमराराम गोदारा पर हुए जानलेवा हमले के मामले में राजस्थान सरकार को निर्देशित करने की जरूरत है ताकि पीडि़त को न्याय मिल सके। उन्होंने सदन में मामले में संलिप्त साजिशकर्ताओं के नामों का भी उल्लेख करते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई।
बाड़मेर में स्थानीय को मिले कंपनियों में रोजगार
सांसद ने बाड़मेर में कार्यरत कंपनियों में भी स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं देने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है। कंपनियों में स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही सीएसआर फंड का उपयोग भी सही नहीं किया जा रहा।
Published on:
24 Mar 2022 01:13 pm
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