उसके बाद शिक्षकों को अपने इच्छित स्थान पर पदस्थापन का विकल्प भी मिलता है। इस बार भी मार्च में साक्षात्कार तो हो चुका है लेकिन अभी तक सूची जारी नहीं हुई है। इस पर शिक्षक मॉडल स्कू ल में मास्टरजी बनने का इंतजार कर रहे हैं। प्रदेश के 134 मॉडल स्कूलों में रिक्त चल रहे अध्यापक, वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता, प्रिंसिपल, प्रयोगशाला सहायक, पुस्तकालय अधीक्षक सहित विभिन्न प्रकार के पदों को भरने के लिए 15 से 24 मार्च तक साक्षात्कार आयोजित किया गया था। इसके बाद उम्मीद थी कि जल्द ही साक्षात्कार के बाद प्रतिनियुक्ति के लिए चयनित शिक्षकों की सूची जारी होगी लेकिन साक्षात्कार के 4 माह बीतने के बाद भी परिणाम व चयन सूची जारी नहीं की गई है। एक तरफ मॉडल स्कूलों में जाने के इच्छुक शिक्षक जो साक्षात्कार दे चुके हैं, उनको परिणाम का बेसब्री से इंतजार है तो दूसरी ओर मॉडल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को पद भर जाने पर अपने इच्छित स्थान पर पदस्थापन का भी इंतजार है। घर के पास जाने का विकल्प- कुछ शिक्षकों को प्रतिबंधित जिलों में नियुक्ति पर स्थानांतरण नहीं होने के कारण घर के नजदीक जाने के लिए मॉडल स्कूलों में सेवा देने का विकल्प मिलता है। साथ ही एक बार मॉडल स्कूल में सेवा देने के बाद वापिस इच्छित स्थान पर पदस्थापन का मौका भी मिलता है। एेसे में ये शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए इच्छुक है। हर वर्ष ली जाती सहमति- मॉडल स्कूल में 1 वर्ष तक सेवा देने के बाद आगे लगातार सेवा जारी रखने के लिए प्रति वर्ष सहमति ली जाती है। यदि कोई असहमति देता है तो उनके स्थान पर नए स्टाफ की पोस्टिंग होने के बाद ही उसे कार्यमुक्त किया जाता है।