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पद चिह्न तो मिले पर नजर नहीं आया तेंदुआ

- गांवों में दहशत, किसानों ने खेत जाना छोड़ा
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 16 Dec 2017, 9:49 PM IST

 समदड़ी.देवलियारी-सिलोर गांव की सरहद में तेंदुए को पकडऩे के लिए तैयार टीम।

समदड़ी.देवलियारी-सिलोर गांव की सरहद में तेंदुए को पकडऩे के लिए तैयार टीम।


समदड़ी(बाड़मेर). बाड़मेर जिले के समदड़ी क्षेत्र में दो दिनों से तेंदूए को पकडऩे की कोशिश में लगी वन्य जीव व वन विभाग की टीम को शनिवार को भी सफलता हासिल नहीं हुई। टीम ने शनिवार दिनभर देवलियारी व आसपास के क्षेत्र में तेंदूए के पद चिह्नों के आधार पर खोजबीन की, लेकिन उसे पकडऩे में नाकाम रही। शाम पांच बजे तेंदूए के पुन:

फ ूलण-देवड़ा पहाडिय़ों में चले जाने की जानकारी पर टीम ने रेस्क्यू स्थगित किया। तेंदूए के नहीं पकड़े जाने पर ग्रामीणों में दशहत का माहौल है।
नहीं पकड़ में आया तेंदूआ- शुक्रवार दोपहर से देर शाम तक वन्य जीव व वन विभाग की संयुक्त टीमों ने देवलियारी व सिलोर सरहद स्थित लूणी नदी किनारे बबूल व केर की घनी झाडिय़ों में तेंदुए को पकडऩे की लगातार कोशिश की । जोधपुर से आए डॉ. श्रवणसिंह ने ट्रेकुलाइजर फ ायर कर तेन्दुए को बेहोश करने की कोशिश की, लेकिन वे विफल रहे। देर शाम को देवलियारी स्थित एक खेत की अरण्डी फ सल में जाकर वह छुप गया । रात्रि के अंधेरे पर रेस्क्यू ऑपरेशन को रोक दिया। दोनो टीमें मौके पर ही रुकी रही ।

पिंजरे भी काम ? नहीं आए- शुक्रवार शाम तेन्दुए को पकडऩे के लिए बाड़मेर व जोधपुर से पिंजरे मंगवाए गए। पिंजरों को अरण्डी की फ सल व आसपास में रखा गया, लेकिन तेंदूआ गिरफ्त में नहीं आया। योजना के फैल होने पर वन्य जीव व वन विभाग टीम ने शनिवार सुबह फि र से खोजबीन शुरू की । नदी क्षेत्र में पद चिह्नों के आधार पर बामसीन सरहद होते हुए मांगला फ ार्म व भीलों की ढाणी तक पहुंचे। ग्रामीणों ने तेंदुए के देवड़ा - फू लण गांव की पहाडिय़ों की ओर जाते देखने की सूचना दी । यह क्षेत्र वन विभाग के अधीन आने से टीम ने देवड़ा से फ ूलण की पहाडिय़ों तक जाकर अपना रेस्क्यू स्थगित दिया।
जहां तेंदुआ देखा, वहां वापस - नौ दिसम्बर को यह तेन्दुआ फूलण गांव की पहाडिय़ों के पास विचरण करता पाया गया था। खेत में फ सलों की रखवाली करते किसान ने इसे देखा। ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। दूसरे दिन वन विभाग टीम में खोजबीन की, लेकिन इसका पता नहीं लग पाया। तेंदूए के शनिवार को फिर से उसी स्थान पर पहुंचने की बात वन विभाग के अधिकारी कह रहे है । देवड़ा फू लण में वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

गांवों में दशहत - क्षेत्र के गांवों में तेंदुए का डर व्यापत है। ग्रामीण अकेले बाहर आने से डरते हैं। शुक्रवार रात देवलियारी सहित आसपास के गांवों के लोग शाम होने से पहले ही घरों में जाकर सो गए। लूणी नदी तलहटी में किसानों ं के दर्जनों कृषि कुएं हैं। हमले की आशंका को लेकर किसान कुओं पर नहीं गए। सिलोर, समदड़ी, देवलियारी, बामसीन, मांगला, टेड़ा, भीलों की ढाणी, देवड़ा, फ ूलण सहित आसपास के गावों में भी दशहत का माहौल है।
अधिकारी रहे मौजूद - शनिवार को तेंदूए की तलाश के दौरान विकास अधिकारी अतुल सोलंकी, सहायक उप वन संरक्षक उदाराम सियोल, क्षेत्रीय वन अधिकारी सिवाना विनोद कच्छवाह, क्षेत्रीय वन अधिकारी बालोतरा मंगलाराम विश्नोई, वन्य जीव टीम जोधपुर के डॉ. श्रवणसिंह सहित पुलिस व वन विभाग की टीम के जवान मौजूद रहे। निसं.

हाथ नहीं आया तुंदुआ- टीम ने शनिवार को तेंदुए की खोजबीन की,लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उसके पुन: फूलण- देवड़ा की पहाडिय़ों में चले जाने की सूचना मिली है। - सुरेन्द्रसिंह खंगारोत तहसीलदार समदड़ी
टीम तैनात- तेंदुआ देवड़ा- फ ूलण की पहाडिय़ों में चला गया है । निगरानी के लिए विभाग की टीम तैनात की गई है। तेन्दुआ अगला रूख किस तरफ करता है, उसे देखकर आगामी कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कच्छवाह, क्षेत्रीय वन अधिकारी सिवाना