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निम्बलकोट में आईसीएआर का स्थापना दिवस मनाया

92 साल में भारतीय कृषि ने नए आयाम छुए

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निम्बलकोट में आईसीएआर का स्थापना दिवस मनाया

निम्बलकोट में आईसीएआर का स्थापना दिवस मनाया

बाड़मेर. कृषि विज्ञान केन्द्र गुड़ामालानी की ओर से गांव निम्बलकोट में ऑनलाइन वेबिनार से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली का स्थापना दिवस मनाया गया।

केन्द्र प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने कहा कि 16 जुलाई 1929 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की स्थापना हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि, शिक्षा एवं अनुसंधान करना है।

92 साल में भारतीय कृषि ने नए आयाम छुए हैं, जिसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का विशेष योगदान रहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की जैव-विविधता संरक्षण में मदद ऐसे प्रयासों को सफल बनाने के लिए आईसीएआर की महत्वपूर्ण है।

डॉ. हरिदयाल चौधरी ने प्रधानमंत्री के 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए किसानों को लागत कम कर अधिक से अधिक जैविक खाद व उर्वरकों का प्रयोग करने के बारे में बताया।

केन्द्र के पादप सरंक्षण विषेशज्ञ डॉ. बाबुलाल जाट ने फसलों में होने वाले विभिन्न प्रकार के फलों एवं सब्जियों में कीट प्रबंधन के बारे में बताया। साथ ही इस अवसर पर गृह वाटिका के लिए सब्जियों के मिनी किट भी वितरित किए गए।