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कृष्ण जन्माष्टमी पर कृष्णा की प्यारी गायें यहां के कांजी हाऊस में पांवों पर खड़ी आंसू बहाती रही। पांच दिन से बारिश हो रही है और पूरा कांजी हाऊस परिसर कीचड़ से भरा पड़ा है। पशुओं को बैठने को ठौर नहीं है। गंदगी में मच्छर और मक्ख्यिां इनको चैन नहीं लेने दे रहे हैं। चारा भीग गया, जिसे खाना संभव नहीं है। जरूरत तो मेह के मौसम में इनको पके दळिए की है लेकिन यहां तो मुट्ठीभर सूखा चारा भी नसीब नहीं है।
कांजी हाउस में करीब चार सौ गायों के लिए नित नई मुसीबत खड़ी हो रही है। सूखा चारा नसीब हो रहा था तो बरसात इस कदर बरसी कि पूरा परिसर पानी से भर गया। अब इनको बैठने को जगह नहीं है। पांच दिन से लगातार हो रही बारिश बाद चारों तरफ कीचड़ हो गया है। गोबर और गोमूत्र भी साथ होने से हालत खस्ता है।
इसका समाधान यहां सूखी रेत डालकर राहत देने की है लेकिन नगरपरिषद को इसकी कोई फिक्र नहीं। लिहाजा चार सौ गोवंश पांच दिन से पांव पर खड़ा है। कुछ देर बैठे भी तो चैन नहीं होता है। बाहर जाने के दरवाजे बंद और अंदर जगह नहीं। बारिश में यह सजा जन्माष्टमी को भी गोवंश भुगतता रहा।
पांव सडऩे की आशंका
लगातार कीचड़ में खड़े रहने से गायों के पैरों के सडऩे की आशंका लगी रहती है। नगर परिषद की उदासीनता के चलते न तो परिसर में कीचड़ साफ करवा कर इसमें मिट्टी डलवाई जा रही है और ना ही कोई डॉक्टर इनकी देख-रेख कर रहा है। ऐसे में गायों में संक्रमण फैल सकता है।
जिला कलक्टर ने दिए हैं निर्देश
जिला कलक्टर ने बुधवार को यह मामला सामने आने पर नगरपरिषद को सख्ती से निर्देश दिया था कि यहां रेत डलवाई जाए और कांजी हाउस की गायों की सुध ली जाए लेकिन नगरपरिषद इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
चलने में समस्या
लगातार कीचड़ में खड़े रहने के कारण पशुओं के खुर सड़ सकते है। चलने में समस्या आ सकती है।
डॉ. राजेश शर्मा पशु चिकित्सक बाड़मेर
पत्रिका व्यू
नगरपरिषद अपने स्तर पर सुध ले तो ठीक है नहीं तो कोई भी दानदाता यहां पहुंचकर इन गोवंश के लिए मदद करें। रेत के कुछ ट्रेक्टर डलवाने से इनके बैठने को जगह हो जाएगी। इसके बाद चारे की आपूर्ति के लिए भी आगे आने की दरकार है। प्रशासन भी इसे और गंभीरता से लेते हुए तत्काल इन लाचारों की मदद के प्रयास करें।
Published on:
26 Aug 2016, 11:48 AM IST
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