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जानिए कहां मिला किसानों को पांच पैसे मुआवजा?

फसल बीमा 2021 के मुआवजे मेंं बड़ी संख्या में ऐसे किसान है जिनके छोटी रकम खाते में आई है। 40 से 65 बीघा खेत में नुकसान होने के बाद ये मुुआवजा राशि के भरोसे कर्जा उतारने की उम्मीद बांधे थे

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जानिए कहां मिला  किसानों को पांच पैसे मुआवजा?

जानिए कहां मिला किसानों को पांच पैसे मुआवजा?

तुम्हें देते लाज न आई, हमें लेते आ रही है शर्म
खास खबर
रतन दवे
बाड़मेर पत्रिका.
दो पैसा...पांच पैसा। रुपया और दस-बीस रुपया किसी को आज के जमाने में दिया जाए तो कहते है बच्चा भी हाथ नहीं फैलाए लेकिन बाड़मेर जिले के फसल बीमा 2021 के किसानों के खाते में यह मुआवजा आया है। बीमा कंपनी को यह पैसा देने में भले ही लाज नहीं आई हों लेकिन किसानों को लेने में शर्म आ रही है। मुआवजा तो दूर राशि भी सम्माजनक नहीं मिली है। किसान कहते है,इससे अच्छा बोल देते कि कुछ नहीं मिलेगा तो यह तो मानते कि राशि नहीं दी। इधर केन्द्र के नुमाइंदे इसे राज्य की गलती और राज्य के प्रतिनिधि इसे केन्द्र की कमजोरी बताने में जुुटे है।
इंतजार बाद खाली हाथ
फसल बीमा 2021 के मुआवजे मेंं बड़ी संख्या में ऐसे किसान है जिनके छोटी रकम खाते में आई है। 40 से 65 बीघा खेत में नुकसान होने के बाद ये मुुआवजा राशि के भरोसे कर्जा उतारने की उम्मीद बांधे थे लेकिन फसल बीमा की गठरी खुली कईयों की हथेली में दो-पांच पैसे और एक रुपया ही मुअवजा आया,जिससे ठगा महसूस कर रहे है।
केस-1
बींजाराम पुत्र लालाराम
गांव- नींबलकोट
जमीन- 40 बीघा
कम्पनी को दिया प्रीमियम राशि -1865
मिली क्लेम राशि - 11रुपए 60 पैसे
केस-2
रुगाराम पुत्र रावताराम
गांव- सेवरों की ढाणी
जमीन-40 बीघा
प्रीमियम- 1604.10
क्लेम मिला- 2 रुपए 90 पैसे
केस-3
केहराराम पुत्र जीवणाराम
गांव- खरंटिया
प्रीमियम- 524.90
क्लेम मिला- 3 रुपए 11पैसे
केस-4
सताराम पुत्र जेठाराम नींबलकोट
जमीन-65 बीघा
प्रीमियम-1126.55
क्लेम मिला- 9 रुपए 32
नेताजी कहिन
राज्य सरकार जिम्मेदार
कृषि पूर्णरूप से राज्य का विषय है। फसल बीमा का टेण्डर राज्य सरकार करती है। गिरदावरी राज्य सरकार ने करवाई। सेटेलाइट सर्वे के लिए तीन बार राज्य सरकार ने चिट्ठी लिखी,जिसे हमने खारिज किया। भारत सरकार ने अपने हिस्से की राशि दी है। राज्य सरकार इसकी जिम्मेदार है। अब भारत सरकार ने बैठक आहूत कर राज्य के अधिकारियों को बुलाया है,इसमेंं किसानों को उनका हक मिलेगा।
कैलाश चौधरी, कृषि राज्यमंत्री भारत सरकार
कृषि राज्यमंत्री के आरोप-प्रत्यारोप किसानों का भ्रमित करने वाले है। 2018 के प्रधानमंत्री फसल बीमा में किसानों के साथ धोखा हुआ। खरीफ बीमा 2021 के मामले मेंंं बीमा कंपनी केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन है। उसने भी वही पुराना खेल किसानों के साथ खेला है। नियम है कि नुुकसान की सूचना मिलते ही 25 प्रतिशत मुआवजा दे औैर क्रॉप कटिंग के एक महीने के भीतर क्लेम का भुगतान करे।
हरीश चौधरी, विधायक बायतु
बाड़मेर जिला 2021 फसल बीमा क्लेम
1066 करोड़ रुपए का हुआ बीमा
231116 किसानों ने करवाया बीमा
21.32 करोड़ रुपए किसान ने प्रीमियम भरा
241.08 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने प्रीमियम हिस्सा दिया
148.97 करोड़ केन्द्र सरकार ने प्रीमियम हिस्सा दिया
411.38 करोड़ रुपए कुल प्रीमियम

उम्मीद थी-600 करोड़ की
मिला -311 करोड़ रुपए


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