
पांच दिन बाद भी गांवों में तेन्दुए का डर
समदड़ी. क्षेत्र में पिछले पांच दिन से दशहत का प्रयाय बना तेन्दुआ अभी तक वन विभाग की टीम के हाथ नहीं लगा है। प्रथम दिन लूनी नदी में दिखने के बाद से वह किसी को नजर नहीं आया है। वन विभाग टीम फ ूलण की पहाडिय़ों के आसपास में तेन्दुआ होना बता रही है, लेकिन वहां भी पिछले चार दिन से वह नहीं दिखा।
पांचवें दिन भी सुराग नहीं- 15 दिसम्बर को देवलियारी के पास लूनी नदी में तेंदूआ नजर आया था। मंगलवार पांचवें दिन भी तेंदुए का कोई अता-पता नहीं है। वन विभाग की टीम इन दिनों फूलण की पहाडिय़ों व आसपास के क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं।
गांवो में दशहत कायम- पांच दिन बाद भी गांवों में तेन्दुए का डर कायम है। ग्रामीण रात्रि में अकेले बाहर नहीं निकल रहे हैं। लूनी नदी की तलहटी में दर्जनों कुंए हंै, लेकिन रात्रि में किसान यहां नहीं जाते। रखवाली नहीं करते हैं। फ ूलण,देवड़ा सिलोर, समदड़ी, देवलियारी, बामसीन, मांगला, टेड़ा, भीलों की ढ़ाणी, देवड़ा, फ ूलण सहित आसपास के गावों में दशहत का माहौल हैं। पांच दिन बाद भी गांवों में तेन्दुए का डर कायम है। ग्रामीण रात्रि में अकेले बाहर नहीं निकल रहे हैं। लूनी नदी की तलहटी में दर्जनों कुंए हंै, लेकिन रात्रि में किसान यहां नहीं जाते। नि.स.
लोगों में डर- तेन्दुआ फूलण क्षेत्र में होना बताया जा रहा है। इससे ग्रामीणो में भय का माहौल है। रात्रि में बेरो पर जाना मुश्किल हो गया है। पशुओं के लिए भी खतरा बना हुआ है। प्रशासन व वन विभाग इसे पकड़कर ग्रामीणों को भय से मुक्ति दिलाएं। - लादूराम विश्नोई, सरपंच सांवरड़ा
वन विभाग की नजर- वन विभाग की टीम लगातार तेन्दुए की हलचल पर नजर रखे हुए हैं। शुक्रवार के बाद अभी तक नजर नहीं आया। पद चिह्न के आधार पर वह फ ूलण की पहाडिय़ों व आसपास में है। - विनोद कच्छवाह, क्षेत्रीय वन अधिकारी सिवाना
Published on:
19 Dec 2017, 10:13 PM IST
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