23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

एलओआई धारक को ईसी का इंतजार, बजरी माफिया सक्रिय!

- एनवायरमेंट क्लियरेंस मिलने के बाद नदी में शुरू होगा बजरी का खनन, बाड़मेर में तीन एलओ धारकों मिलेगी बजरी खनन की स्वीकृति
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

bhawani singh

•

Updated: 22 Nov 2021, 8:28 PM IST

Barmer news

barmer news

बाड़मेर.
बजरी माफिया की मनमानी के बीच चार साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने वैध लीजधारकों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद बजरी खनन की अनुमति जारी कर दी, उसके बाद विभाग ने बाड़मेर जिले में जारी खातेदारी बजरी खनन के पट्टे निरस्त कर दिए। जबकि वैध एलओआई धारक को ईसी नहीं मिलने पर फिर से बजरी का अवैध खनन बढ़ रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के क्रम में राज्य सरकार ने केन्द्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को शीघ्र ही ईसी (पर्यावरण स्वीकृति) जारी करने के लिए पत्र लिखा है। इसी जारी होने के बाद खनन पट्टे जारी कर बजरी खनन आरंभ होगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में विभाग ने नदी के पांच किमी की परिधि में आने वाले खातेदारी भूमि में स्वीकृत बजरी खनन के पट्टे निरस्त कर दिए गए है। साथ ही ऑनलाइन ई रवन्ना बंद कर दिया गया है। बाड़मेर जिले में विभाग ने खातेदारी भूमि में जारी लीज के 30 पट्टे निरस्त कर दिए है। इसके बावजूद लूणी नदी सहित अन्य स्थानों में बजरी का अवैध खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

सख्त निर्देश, फिर अवैध खनन
अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस डॉ. सुबोध अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद ट्रांजिट अवधि में बजरी के अवैध खनन, परिवहन व भण्डारण की निगरानी रखने व अवैध गतिविधियों के विरूद्ध सख्ती बरतने के निर्देश दिए, इसके बावजूद अवैध बजरी का खनन रुक नहीं रहा है।

दिन-रात चल रहा है अवैध खनन
लूनी नदी में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में दिन-रात बजरी का अवैध खनन चल रहा है, लूनी नदी से अवैध बजरी के भरे डंपर दिन में बाईपास होते हुए बाड़मेर जालौर हाईवे से निकलते हैं लेकिन पुलिस व स्थानीय प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जाती है।

दस हजार हैक्टेयर में लीज
बाड़मेर जिले में लूणी नदी क्षेत्र में तीन एलओआई धारक है। जिनके पास करीब दस हजार हैक्टेयर की लीज है। यह लीज वर्ष- 2017 में बंद कर दी गई थी, अब इन्हें सुप्रीम कोर्ट की राहत के बाद शुरू किया जाएगा। पचपदरा में करीब 3100, गुड़ामालानी 5100 व समदड़ी में 2500 हैक्टेयर की लीज है।

---
- कार्रवाई कर रहे है
वर्ष-2017 में बंद हुई एलओआई धारक को जल्द ईसी मिलने पर बजरी का खनन शुरू होगा। फिलहाल कोई वैध पट्टा नहीं है। बजरी का खनन बाड़मेर में बंद है। अवैध खनन पर विभाग लगातार निगरानी रखकर कार्रवाई कर रहा है।- भगवानसिंह भाटी, खनि अभियंता, खनिज विभाग, बाड़मेर