
पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी (फोटो- पत्रिका)
बाड़मेर: एएनटीएफ और बाड़मेर पुलिस ने बुधवार को संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन मोना रिटर्न के तहत लंबे समय से फरार चल रहे 30 हजार रुपए के दो इनामी तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी का एक लग्जरी वाहन, एक एसयूवी, एक अत्याधुनिक पिस्टल, 55 जिंदा कारतूस, 10 लाख 76 हजार रुपए नकद, 440 ग्राम अफीम दूध तथा चार मोबाइल बरामद किए गए।
एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी जसवंत उर्फ जसराज उर्फ जसाराम उर्फ जसिया (40) पुत्र रतनाराम निवासी बायतु, हाल बलदेव नगर तथा 5 हजार रुपए के इनामी नारायण उर्फ नारणाराम पुत्र लिकमाराम निवासी बलदेव नगर को होली की पूर्व संध्या पर पार्टी करते समय दबोचा गया। दोनों चित्तौड़-प्रतापगढ़ क्षेत्र से डोडा पोस्त लाने की तैयारी में थे।
आरोपी जसिया पिछले 15-20 वर्षों से मादक पदार्थ तस्करी में सक्रिय था। सामान्य परिवार से निकलकर पहले ड्राइविंग का काम किया, फिर अवैध शराब और बाद में एनडीपीएस के धंधे में उतर गया। शुरू में एक गॉडफादर के साथ काम किया, बाद में खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया। चित्तौड़-प्रतापगढ़ से जोधपुर-बाड़मेर तक उसका तस्करी नेटवर्क सक्रिय था।
उस पर पहला एनडीपीएस मामला वर्ष 2005 में दर्ज हुआ। वर्ष 2010 से अब तक करीब 15 प्रकरण दर्ज हैं। 2024 तक उस पर जोधपुर रेंज (40 हजार), पाली रेंज (50 हजार) और राजसमंद (20 हजार) सहित कुल 1.10 लाख रुपए का इनाम घोषित रहा। 2024 में गिरफ्तारी के बाद 2025 में अंतरिम जमानत पर छूटकर फरार हो गया। वर्तमान में बांसवाड़ा (20 हजार) और बालोतरा (10 हजार) से कुल 30 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
जसिया अवैध हथियार रखने का आदी था। पूर्व में उसके ठिकानों से दो पिस्टल व 63 कारतूस बरामद हो चुके हैं। वह पाली, हनुमानगढ़ और राजसमंद में तीन बार पुलिस पर फायर कर फरार हो चुका था। इस बार भी घेराबंदी के दौरान पिस्टल निकालकर हमला करने की कोशिश की, लेकिन सतर्क एएनटीएफ टीम ने तुरंत काबू कर लिया।
हर सफल तस्करी ट्रिप के बाद पार्टी करना उसकी आदत थी। होली से पहले बलदेव नगर में आयोजित पार्टी की सटीक सूचना मुखबिर ने एएनटीएफ को दी। संयुक्त टीमों ने पहले से घेराबंदी कर ली। पार्टी शुरू होते ही संकेत मिलते ही टीमें मौके पर पहुंचीं और दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
जून 2024 में जोधपुर रेंज की साइक्लोन टीम से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार जसिया 9 माह जेल में रहा। पत्नी की बीमारी का हवाला देकर 30 दिन की अंतरिम जमानत पर बाहर आया, लेकिन 23 अप्रैल 2025 को जेल में दोबारा पेश नहीं हुआ और फरार होकर पहले से ज्यादा सक्रियता से तस्करी में जुट गया। नारायणराम भी 2020 से हिस्ट्रीशीटर है और उस पर शराब तस्करी, मारपीट, ऑर्म्स एक्ट व एनडीपीएस सहित 15 से अधिक मामले दर्ज हैं।
Published on:
05 Mar 2026 12:33 pm
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