
Love of nature is such that garden is built on roof of house
बाड़मेर. आम तौर पर यह देखा जाता है कि घर में बच्चे या बड़ों के पहनने वाली जिंस पुरानी होने पर फेंक दिया जाता है। नमकीन, पापड़ की थैली, खाली कर्टन, क्षतिग्रस्त पाइप का उपयोग नहीं करते हैं।
लेकिन शहर के एमबीसी महिला विद्यालय के सामने रहने वाले आनंद डागा को प्रकृति से ऐसा प्रेम है कि अनुपयोगी वस्तुओंं में पौधे लगाकर पर्यावरण का संरक्षण कर रहे हैं। डागा ने घर की छत्त की मुंडेर पर 400 से अधिक विभिन्न किस्मोंं के पौधे लगाए हैं। घर की सीढिय़ों से लेकर मुंडेर, कमरे आदि में पौधे ही पौधे नजर आते हंै।
इन किस्मों के लगाए पौधे
मुंडेर पर औषधीय, फूल, कैक्टस, बेल, वाटर, एयर प्यूरी, बोन्साई, हैंगिंग, इंडोर, आउटडोर आदि में लगने वाले पौधे लगाए गए है।
घर में वेस्ट कुछ भी नहीं
पौधे लगाने के लिए मटकी, कोल्ड ड्रिंक की बोतल, थर्माकोल बॉक्स, प्लास्टिक के डिब्बे, नमकीन की थैली, नारियल का खोल, पानी के केन, पॉली बैग, पुरानी जीन्स, टीशर्ट, जूते, पाइप, कॉफी मग, प्लास्टिक, प्लास्टिक पाइप, टब आदि का उपयोग किया गया है।
घर में बनी खाद का उपयोग
पौधो मेंं किचन वेस्ट, सूखी पत्तियां, चाय की पत्ती, गाय कागोबर आदि का उपयोग करके खाद बनाई जाती है। बाजार की केमिकल की खाद का उपयोग नहीं करते हैं।
परिवार करता है मदद
पौधों की देखभाल के लिए आनंद के साथ पूरा परिवार पौधों की देखभाल में सहयोग करते है। अपने दोस्तों व रिश्तेदारों को उपहार स्वरूप पौधा ही भेंट करते है। पौधों के भेंट करने के बाद उसकी भी मॉनिटरिंग करते हंै।
बचपन से ही शौक है
पहले गमले खरीद कर लाता था। लेकिन बाद में घर की अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग करके उनमें पौधे लगाता हूं। पौधे लगाने का शौक है। प्रतिदिन 3-4 घंटे गार्डन की देखभाल करता हूं।
-आनंद डागा
Published on:
07 Oct 2019 06:27 pm
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