
Luni river polluted by chemical water
बालोतरा. पाली के वस्त्र कारखानों से निस्तारित होकर प्रदूषित रासायनिक पानी कई िदनों से लूनी नदी में बह रहा है। इससे जल, जमीन खराब होने को लेकर क्षेत्र के किसान परेशान है, लेकिन इसकी रोकथाम के लिए आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों व कार्रवाई करने वाले सक्षम अधिकारियों ने बेपरवाही की चादर ओढ़ रखी है। इस पर नदी में आगे बढ़ रहे प्रदूषित पानी से क्षेत्र भर के किसानों में रोष है।
जिले की एकमात्र बरसाती लूनी नदी में पिछले कई दिनों से प्रदूषित रासायनिक पानी बह रहा है। पीछे से जारी आवक पर यह आगे की ओर बढ़ रहा है। कई वर्षों से रासायनिक पानी की लगातार हो रही आवक पर इससे जल, जमीन खराब होने को लेकर क्षेत्र भर के किसान परेशान है। रोजगार का जरिया खेती व पशुपालन बर्बाद होने को लेकर किसान, पशुपालक परेशान है। इनके रातों की नींद उड़ी हुई है। सरकार व प्रशासन के रोकथाम को लेकर कोई पैरवी नहीं करने पर किसानों में रोष है।
दावा झूठा या हकीकत-
न्यायालय का स्पष्ट आदेश है कि कारखानों से निकलने वाला दूषित पानी नदी बहाव क्षेत्र में नहीं छोड़ा जाए। इसके चलते उद्यमी प्रदूषित पानी नदी में नहीं छोडऩे व जिला प्रशासन पानी छोडऩे पर कार्रवाई करने का दावा कर रहा है। एेसे में सवाल यह है कि पाली से बांडी नदी होते व करीब 80-100 किलोमीटर दूर बह कर लूनी नदी में प्रदूषित रासायनिक पानी आखिरकर कैसे पहुंच रहा है।
मूकदर्शक बन बैठे अधिकारी व जनप्रतिनिधि-लूनी नदी में बह रहे प्रदूषित रासायनिक पानी को लेकर किसान से आमजन चिंतित व परेशान है, लेकिन किसानों की आवाज उठाने का दंभ भरने वाले जनप्रतिनिधि मौन साधे बैठे हैं। हर समस्या का समाधान करने का दावा करने वाला जिला प्रशासन भी रासायनिक पानी की रोकथाम के काम में कोई रुचि नहीं ले रहा है।
प्रशासन व जनप्रतिनिधि नहीं गंभीर-
नदी में प्रतिवर्ष पहुंच रहे प्रदूषित रासायनिक पानी के बावजूद सरकार, जिला प्रशासन गंभीर नहीं है। पानी रोकने को लेकर किसानों की मांग को नजर अंदाज किया जा रहा है।
- किशनाराम
रोजगार का संकट होगा पैदा- लूनी नदी से खेती व पशुपालन रोजगार जुड़ा हुआ है। जल, जमीन खराब होने पर रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। सरकार, प्रशासन रासायनिक पानी रोकने को लेकर गंभीर प्रयास नहीं कर रहे हैं।
- शंकर माली
प्रभावी समाधान की जरूरत-सरकार एक और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। दूसरी ओर सरकार व प्रशासन के ढुलमूल रवैये से लूनी नदी रासायनिक पानी से प्रदूषित हो रही है। सरकार इस समस्या को गंभीरता से लेकर प्रभावी समाधान करें।
-चेलाराम चौधरी
जिम्मेदारी प्रदूषण मण्डल की, पता कर कार्रवाई-नदी में प्रदूषित रासायनिक पानी छोडऩे पर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की है। नदी में पानी छोडऩे को लेकर प्रशासन नेे कई कारखानों को बंद करवाया है। नदी में रासायनिक पानी पहुंचने की जानकारी करवाकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देता हूं।
- ललित गुप्ता, संभागीय आयुक्त जोधपुर
Published on:
21 Jul 2018 07:54 pm
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