
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो पत्रिका
New Delimitation : बाड़मेर और बालोतरा जिलों का एक बार फिर से भूगोल बदल दिया गया है। सीमा निर्धारण पर पुनर्विचार करने के बाद शुक्रवार देर रात, 31 दिसंबर की तारीख से इसका आदेश जारी किया गया है। इसमें बायतु और गुड़ामालानी विधानसभाओं के जिले बदल गए हैं। बायतु विधानसभा अब बाड़मेर जिले में और गुड़ामालानी विधानसभा बालोतरा जिले में होगी।
राजनीतिक मायनों में इस पुनर्सीमांकन ने हलचल मचा दी है। वर्ष 2023 में जिलों की घोषणा हुई थी, जिसमें बालोतरा को नया जिला बनाया गया था। बाड़मेर से बालोतरा अलग होने पर बायतु विधानसभा बालोतरा में चली गई थी। सिणधरी भी बालोतरा में शामिल हो गया था।
अब बदलाव करते हुए बायतु को वापस बाड़मेर में शामिल कर दिया गया है, लेकिन बायतु विधानसभा को अलग-अलग भागों में बांट दिया गया है। गुड़ामालानी विधानसभा की नोखड़ा तहसील और पंचायत समिति आड़ेल व मागता को बाड़मेर में शामिल किया गया है।
कांग्रेस सरकार में बने इन जिलों का सीमांकन भाजपा के अनुकूल नहीं हुआ था। ऐसे में अब नए सिरे से सीमांकन करने की प्रक्रिया के तहत आदेश किए गए हैं। इससे बायतु विधानसभा क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
पहले बालोतरा जिला पायला कला तक था, अब सिणधरी उपखंड के अलावा गुड़ामालानी और धोरीमन्ना का इलाका भी बालोतरा जिले में शामिल कर लिया गया है। इससे गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा बालोतरा जिले में आ गया है।
जिलों के पुनर्सीमांकन के बाद यह विधानसभा परिसीमन का भी आधार बन सकता है। जानकारों की मानें तो विधानसभा परिसीमन में बालोतरा में गिड़ा-पाटोदी और अन्य क्षेत्रों को मिलाकर एक नई विधानसभा के सृजन की भूमिका तैयार हो सकती है। इधर सिणधरी और धोरीमन्ना को मिलाकर गुड़ामालानी विधानसभा का नया खाका तैयार किया जा सकता है। भाजपा संगठनात्मक दृष्टि से बालोतरा जिले में हमेशा गुड़ामालानी और धोरीमन्ना को साथ लेकर चलती रही है, अब जिले को उसी तर्ज पर पुनर्गठन कर दिया है।
बाड़मेर जिले में बाड़मेर, गडरा रोड, चौहटन, रामसर, बायतु, सेडवा और शिव उपखंड को शामिल किया गया है। बाड़मेर में अब 7 उपखंड और 11 तहसील हो गई हैं।
बालोतरा जिले में बालोतरा, सिणधरी, सिवाना, धोरीमन्ना और गुड़ामालानी सहित 5 उपखंड शामिल किए गए हैं। इनके अलावा 9 तहसील हो गई हैं।
वर्तमान सरकार में मंत्री केके विश्नोई के राजनीतिक नफे-नुकसान से भी इसे जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर बायतु को वापस बाड़मेर में शामिल कर बायतु में प्रभाव रखने वाले नेता हरीश चौधरी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने का प्रयास माना जा रहा है। आदेश आने के बाद विधायक हरीश चौधरी ने लिखा तुम इधर भेजो मुझे, तुम उधर भेजो मुझे, नक्शों से खेलकर चाहे जिधर भेजो मुझे। सीमाएं बदलने से न डरूंगा न झुकूंगा।
Updated on:
03 Jan 2026 07:18 am
Published on:
03 Jan 2026 07:16 am
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