22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Barmer News: पांच साल पहले घर से गायब हुआ युवक लौटा.. उम्मीद खो चुकी आंखें छलक पड़ी

घर से गायब हुआ युवक घर लौटा तो परिवाजनों की आंखें छलक आई। चन्द्रप्रकाश पुत्र सवाईलाल भार्गव 2019 में घर से बिना बताए चला गया।

2 min read
Google source verification
man who disappeared from home five years ago returned home, Eyes that had lost hope filled with tears

परिजनों के साथ वापस घर लौटा युवक

बाड़मेर। पांच साल पहले घर से गायब हुआ युवक घर लौटा तो परिवाजनों की आंखें छलक आई। खुशी के इन आंसुओं को बहते जिसने भी देखा वो भावुक हो गया। उम्मीद खो चुके परिजनों के घर अब बधाई बंटने लगी। छीतर का पार निवासी चन्द्रप्रकाश पुत्र सवाईलाल भार्गव 2019 में घर से बिना बताए चला गया। परिजन ने थाने में मामला दर्ज करवाया। दो-तीन साल तक आसपास, गुजरात, महाराष्ट्र कई जगह तलाश की लेकिन नहीं मिला। थक हार कर वे घर बैठ गए। उसके मिलने की उम्मीद छोड़ दी। बेटे के जाने पर मां की हालात खराब हो गई और मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया।

दो दिन पहले आई खबर

दो दिन पहले अचानक चन्द्रप्रकाश के भाई रामेश्वरलाल के पास रेलवे में कार्यरत जानियाना निवासी मूलसिंह नेहरा ने कॉल किया। उन्होंने बताया कि चन्द्रप्रकाश नाम का युवक खुद को बाड़मेर निवासी बता रहा है । यह महेन्द्रगढ़ हरियाणा में है। इसके बाद उन्होंने मूलसिंह से बात कर मोबाइल पर फोटो मंगवाया। फोटो देखने पर पहचान हो गई।

भाई मिले तो आंसू छलके

इसके बाद रामेश्वरलाल सहित चार-पांच जने महेन्द्रगढ़ हरियाणा पहुंचे । चन्द्रप्रकाश ने भाइयों को देखा तो गले मिला। उसके बताया कि वह घर से निकलने के बाद इधर-उधर घूमते महेन्द्रगढ़ पहुंचा, जहां कार्य कर रहा था। इस दौरान रेलवे में कार्यरत मनोज यादव से बातचीत के दौरान उसने बताया कि वह बाड़मेर जिले के छीतर का पार कवास का निवासी है। यादव ने सिरसा में रेलवे में सीनियर इंजीनियर मूलसिंह नेहरा को बताया।

उन्होंने अपने मिलने वालों के मार्फत छीतर का पार तक जानकारी पहुंचाई तो पता चला कि परिवार बाड़मेर में रह रहा है। इस पर लोगों ने चन्द्रप्रकाश के भाई से सम्पर्क किया तो परिजन महेन्द्रगढ़ पहुंचे और चन्द्रप्रकाश को लेकर बाड़मेर आए। चंद्रप्रकाश का परिवार भार्गव कॉलोनी शिवनगर बाड़मेर में रह रहा है। यहां जब युवक पहुंचा तेा घर में खुशी छा गई।

यह भी पढ़ें : बाड़मेर का ऐसा उपखण्ड जहां सप्ताह में एक दिन के लिए ही आते हैं SDM