
मैनहोल के ढक्कन खुले, हादसे डर, जिम्मेदार बेपरवाह
बालोतरा.
नगर के बायपास मार्ग पर सीवरेज मैनहोल के ढक्कन सड़क लेवल से नीचे व खुले होने पर वाहन चालकों का सुख-चैन छीन गया है। ध्यान भटकने पर वाहनों के पहिये गड्ढे में जाने पर संतुलन बिगडऩे से हादसे होते हैं। वाहनों की भारी आवाजाही पर मार्ग पर जमा रेत के उडऩे पर चालकों, राहगीरों को परेशानियां उठानी पड़ती हैं, लेकिन नगर परिषद समाधान को लेकर कोई प्रयास तक नहीं कर रही है। इससे आमजन में रोष है।
नगर के छतरियों का मोर्चा से रेलवे तीसरी फाटक तक बायपास बना हुआ है। शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार को लेकर 15 वर्ष से अधिक समय पूर्व इसका निर्माण किया गया था। मार्ग के क्षतिग्रस्त होने पर कुछ माह पूर्व इसका पुनर्निर्माण किया गया था। सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार ने सीवरेज लाइन मैनहोल के ऊपर ढक्कन तो लगाए, लेकिन इन्हें सड़क लेवल अनुसार ढक्कन नहीं लगाए। इस पर इनके उपर से वाहनों के गुजरने पर चालक व सवार लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वाहन का संतुलन बिगडऩे पर रपटते हैं। इससे चालक व सवार चोटिल होते हैं। माल लदे भारी वाहनों के इन गड्ढो में से गुजरने पर इनके कलपुर्जे टूटते हैं। विशेषकर रात्रि के अंधेरे में मैनहोल के गड्ढो के दिखाई नहीं देने पर दुपहिया वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल होते हंै। दर्जनों जने चोटिल हो चुके हैं, लेकिन न तो नगर परिषद ओर ना ही ठेकेदार सड़क लेवल के अनुसार मैनहोल ढक्कन लगा रहे हैं।
नहीं हटाई रेत- सीसी सड़क बनाने के बाद ठेकेदार ने इसकी मजबूती के लिए रेत की क्यारियां बनाकर पानी भरा था। सड़क के तैयार होने के बाद जमा रेत नहीं हटाई। एेसे में यहां अभी भी रेत जमा है। बायपास औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इस पर सुबह से देर रात तक पानी से भरे टैंकर, ग्रे व तैयार माल से भरे ट्रक, टे्रलर व अन्य वाहनों के गुजरने पर रेत उड़ती है। इससे इनके पीछे चलने वाले वाहन चालकों व राहगीरों की आंखों में रेत गिरती है। इससे उन्हें अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। कई माह से यह स्थिति बनी हुई है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा।
ढक्कन सही नहीं लगाए - बायपास सड़क के बीच में सीवरेज मैनहोल पर ढक्कन सही नहीं लगाए गए हैं। सड़क लेवल से अधिक नीचे है। इन पर से वाहन लेकर गुजरने पर चोटिल होने का डर रहता है। - शिवलाल माली
उड़ती रेत से परेशानी- बायपास निर्माण के दौरान उपयोग में ली गई रेत अब तक हटाई नहीं गई है, व्यस्ततम मार्ग पर वाहनों के गुजरने पर उड़ती रेत आंखों में गिरती है। इससे बहुत परेशान है। रेत हटाने की कई बार मांग की, कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - मांगीलाल दवे
Published on:
11 Jan 2019 06:00 am
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