21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लाखेटा मेला में उमड़ा जनसैलाब, गेर नृत्यों ने मनमोहा

पाली के गेर दल रहे प्रथम व द्वितीय, ढोल कला का भी बेहतर प्रदर्शन - सजा हाट बाजार, ग्रामीणों ने की खरीदारी

2 min read
Google source verification
लाखेटा मेला में उमड़ा जनसैलाब, गेर नृत्यों ने मनमोहा

लाखेटा मेला में उमड़ा जनसैलाब, गेर नृत्यों ने मनमोहा

-

समदड़ी. कोटड़ी ग्राम पंचायत के लाखेटा गांव स्थित संतोष भारती महाराज के समाधि स्थल पर शनिवार को लोक नृत्य गेर मेला भरा। मेले में स्थानीय सहित समदड़ी क्षेत्र के गांवो से ग्रामीणों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कोई पैदल तो कोई वाहन लेकर मेले में पहुंचा। श्रद्धालुओं ने संतोष भारती के समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना कर खुशहाली की कामना की। होली का उत्साह और उमंग के बीच ग्रामीणों के बहुरंगी वेशभूषा में सजधज कर मेले में आने से मेला पूर्ण यौवन पर रहा। शांति व्यवस्था के लिए थानाधिकारी भुटाराम विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
गेर नृत्यों की धमचक- लाखेटा मेले में बहुरंगी वेषभूषाओं में सजे-धजे गेर नृतकों ने ढ़ोल की ढ़मकार, थाली की टंकार, घुंघरुओं की रूणझुण व डाडियों की नंाद पर गेर नृत्यों की शानदार प्रस्तुतियां देकर दर्शको को झूमने के लिए विवश कर दिया। मेले में पांच गेर नृत्य दलों ने भाग लिया। फाल्गुनी गीतों व चंग की थाप पर डांडिया गेर नृतकों ने भी एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। ढ़ोलवादक भी अपनी कलाओं का प्रदर्शन करने में पीछे नहीं रहे। डांडियां गेर नृत्य में प्रथम दिवान्दी पाली, द्वितीय मुरडिय़ा पाली एवं तृतीय स्थान लालिया के गेर दल ने प्राप्त किया। ढोलवादक में प्रथम मंगलाराम बामसीन, द्वितीय खेताराम लालिया एवं तृतीय स्थान रविकुमार दिवान्दी ने हासिल किया। गेर नृत्य दलों व ढ़ोल वादको को मेला कमेटी ने नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

सजा हाट बाजार- मेला स्थल पर विभिन्न प्रकार के हाट बाजार सजे किराणा, प्रसाद, खिलौना, फै न्सी सहित मणिहारी का बाजार सजा जहां बच्चों, महिलाओं, ग्रामीणों ने खरीदारी की। मेला में विभिन्न झूले व मनोरंजन के केन्द्र भी लगे, जिनका ग्रामीणों ने जमकर आनन्द लिया। मौत का कुआं में बाइक व कार चालक ने हैरतअंगेज प्रदर्शन कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया सर्कस में भी दर्शकों की भीड़ लगी रही। झूलों पर बच्चों से लेकर बड़ों ने भी आनन्द लिया। मेला में कई प्रकार की प्रदशर्नी भी लगी। गर्मी का मौसम प्रारम्भ होने से मेला में आइसक्रीम व कुल्फ ी की बिक्री जोरों पर रही। निसं.