
Materials purchased from labor item Now Strapped payment in district
बाड़मेर.महात्मा गांधी नरेगा योजना में मजदूरों के हिस्से के रुपए को जेब भरने के लालच में सामग्री मद पर 40 की बजाय साठ प्रतिशत से ज्यादा व्यय कर दिया गया। आठ पंचायत समितियों की इस गलती ने जिले की सभी 17 पंचायत समितियों की 489 ग्राम पंचायतों का मनरेगा का भुगतान अटका दिया है। चार माह से करीब साठ करोड़ रुपए बकाया हो गए है। इधर बजरी व अन्य कारणों से काम भी रोकने से मनरेगा पर एक तरह से अघोषित रोक की स्थिति हो गई है।
मनरेगा में श्रम मद के लिए 60 और सामग्री मद में 40 प्रतिशत राशि खर्च करने का नियम है। इसमें कच्चे व पक्के कामों का अनुपात भी इसी तरह से रखने के निर्देश के बावजूद जिले की बाड़मेर, चौहटन, धोरीमन्ना, बायतु, बालोतरा, शिव , सिणधरी और सिवाना पंचायत समितियो ंकी 240 ग्राम पंचायतों में यह अनुपात बिगड़ा है। 41 ग्राम पंचायतों ने 60 प्रतिशत, 65 ने 61 से 80 प्रतिशत राशि सामग्री मद पर खर्च कर दी। तीन ग्राम पंचायतों ने तो 81 से 100 प्रतिशत तक सामग्री मद पर व्यय कर दिए। स्थिति सामने आने पर राज्य स्तर पर जिलेभर का सामग्री मद की राशि रोक दी गई। चार महीने में यह राशि 60 करोड़ से ज्यादा हो गई है।
जांच हुई लेकिन सब भुगत रहे है- इस मामले की जांच कर संबंधित ग्राम पंचायतों को नोटिस दे दिए गए और इस कार्यवाही प्रस्तावित है लेकिन इसका खामियाजा जिले की सभी ग्राम पंचायतें भुगत रही है। आलम यह है कि कई ग्राम पंचायते लाखों रुपए की कर्जदार हो गई है।
बजरी और अन्य रोक भी जारी- यह मामला उठनेे के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी यह निर्णय ले लिया गया कि अब जब तक यह मसला नहीं सुलटता है तब तक सामग्री मद और पक्के कामों पर रोक लगाएंगे ताकि जिले का अनुपात सही हो जाए। इस निर्णय के बाद ग्राम पंचायतों में कार्य प्रभावित हो रहा है।
श्रमिकों को नहीं मिल रहा काम- श्रमिकों के लिए काम मिलना मुश्किल हो रहा है। गांवों में काम नहीं होने से वे परेशान हो रहे है। बकाया के लिए सरपंच भी परेशान हो रहे है।- उगमसिंह राणीगांव, अध्यक्ष जिला सरपंच संघ
Published on:
03 Jan 2018 10:24 am
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