
more then 15 thousand rupees grant getting on the fountain set
बाड़मेर . जिले के किसानों का रूझान कृषि विभाग की फव्वारा अनुदान योजना में अधिक है। साल 2017-18 में 2,336 हैक्टेयर पर सब्सिडी देने का लक्ष्य दिया गया है। जिसके मुकाबले 4,422 हैक्टेयर पर सब्सिडी दी गई है जो लक्ष्य का लगभग दोगुना है।
सब्सिडी का फायदा
&किसानों को सब्सिडी का फायदा मिल रहा है। फव्वारा पर 2017-18 में 15,686 रुपए कर दिया है। जो जिले के किसानों के लिए अच्छा कदम साबित हो रही है।
रामवीरसिंह, सहायक निदेशक उद्यान विभाग, बाड़मेर
जिले में पिछले तीन साल से फव्वारा सब्सिडी लेने वाले किसानों की संख्या लगातार घट रही थी। सरकार ने वर्ष 2016-17 तक दो हैक्टेयर पर अधिकतम 12,400 रुपए की सब्सिडी दी जा रही थी। अब उसे 2017-18 में 15,686 रुपए कर दिया है। जो जिले के किसानों के लिए अच्छा कदम साबित हो रही है, वहीं मिनी की सब्सिडी लेने वाले किसान लगतार बढ़ रहे हैं लेकिन ड्रिप में एक साल बढ़े तो दूसरी साल ज्यादा ने रुचि नहीं दिखाई।
सब्सिडी कम होते ही रूझान भी हुआ कम
किसानों को प्रति एक हैक्टेयर मिनी और ड्रिप पर 2014-15 में थी 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही थी जो 2015-16 में कम करते हुए 50 से 70 फीसदी कर दी। जिससे भी काफी प्रभाव पड़ा। क्योंकि 2014-15 में ड्रिप के लिए 1346 और मिनी के लिए 77 किसानों ने सब्सिडी ली थी। इसके बाद से पिछले तीन साल से किसानों का रूझान कम हुआ है।
कृषि संयंत्र
मिनी : छोटे स्प्रिंकलर जो एक बार फसल के पकने तक स्थाई रूप से लगाते हैं।
ड्रिप : बूंद-बूंद सिंचाई के लिए लगाया जाने वाला पाइप सेट।
फव्वारा : एक से दूसरी नोजल को जोडऩे वाले पाइप।
लाभान्वित किसान
वर्ष फव्वारा मिनी ड्रिप
2015-16 2199 14 278
2016-17 2184 18 175
2017-18 1913 44 330
एक साल में 5010 हैक्टेयर पर सब्सिडी
साल 2017-18 में सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत उद्यान विभाग ने जिले के 5,010 हैक्टेयर क्षेत्र पर 436.74 लाख रुपए सब्सिडी प्रदान कर 2,287 किसानों को लाभांवित किया है। जिसमें फव्वारा में 1,913 किसानों को 310 लाख रुपए, ड्रिप में 330 को 93.9 लाख रुपए और मिनी में 44 को 32.84 लाख की सब्सिडी दी है। इसमें फव्वारा सब्सिडी मे 150 लाख का भुगतान बजट अभाव में बकाया है।
Published on:
31 May 2018 08:34 am
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
