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बाजरे के स्वाद से रहना पड़ सकता है वंचित !

-कमजोर मानसून पर लक्ष्य से आधी हुई बुवाई - बाजरा बुवाई में पांच दिन ही शेष बचे

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Must have to live with the taste of millet, deprived

Must have to live with the taste of millet, deprived

-कमजोर मानसून पर लक्ष्य से आधी हुई बुवाई

- बाजरा बुवाई में पांच दिन ही शेष बचे

बालोतरा. मारवाड़ में मेह के कम मेहरबान होने पर जिले में लोगों के भोजन का मुख्य अनाज बाजरा की बुवाई संकट में पड़ गई है। 25 जुलाई तक जिले भर में अच्छी वर्षा नहीं होती है तो लक्ष्य से 70 फीसदी ही बुवाई होगी।

इस वर्ष जिले में कमजोर मानसून से किसान व आमजन परेशान हैं। जून-जुलाई में कुछ स्थानों को छोड़ कर अधिकांश जगह पर्याप्त बारिश नहीं होने से कृषि विभाग के खरीफ बुवाई लक्ष्य से अभी तक आधी ही बुवाई हुई है।

बाजरा बुवाई संकट में

खरीफ में जिले में बाजरा बुवाई का लक्ष्य 8.50 लाख हैक्टेयर निर्धारित किया गया है। कम बारिश पर जिले में अब तक 3.50 लाख हैक्टेयर ही बुवाई हुई है। कृषि विभाग के अनुसार बाजरा बुवाई का समय 25 जुलाई तक है। 20 जुलाई तक जिले में सामान्य वर्षा हुई है।

आगामी दिनों में अच्छी वर्षा नहीं होती है तो लक्ष्य की करीब 70 फीसदी बुवाई होगी। समय अंतराल में अच्छी वर्षा नहीं होने पर सामान्य पैदावार होगी। इस पर मारवाड़ व जिले के लोगों को बाड़मेरी बाजरे के स्वाद से वंचित रहना पड़ सकता है। 20 जुलाई तक जिले में सामान्य वर्षा हुई है।

कम बारिश से दिक्कत -

कमजोर मानसून से परेशान हंै। अच्छी वर्षा नहीं होने पर बाजरा व अन्य फसलों की बुवाई नहीं की है। शीघ्र ही बारिश नहीं होती है तो बुवाई प्रभावित होगी। बाजरा पैदा होने पर वर्ष भर घर चलाने को लेकर परेशानी नहीं होती है।

- मोटाराम, किसान
कम बुवाई होने की आशंका-

बाजरा बुवाई का समय 25 जुलाई है। दो-तीन दिन में अच्छी वर्षा नहीं होती है, तो लक्ष्य की 70 फीसदी ही बुवाई होगी। सप्ताह बाद अच्छी बारिश होती है तो किसानों से अपील है कि वे दलहनी फसलों की बुवाई करें। इससे उन्हें अच्छी पैदावार मिल सकेगी।

- पदमसिंह भाटी, सहायक निदेशक कृषि विभाग बाड़मेर