फलों का राजा आम, ग्वार फली से भी सस्ता

-सीजन में आम की रही खूब आवक
-कोविड में भी जमकर हुई बिक्री
-नेशनल मेंगो-डे विशेष....

By: Mahendra Trivedi

Published: 22 Jul 2021, 08:39 PM IST

बाड़मेर. फलों का राजा आम इस सीजन में ग्वार फली से सस्ता बिका। जिसके चलते इसका रसीले स्वाद का आनंद लोगों ने खूब लिया। कोरोना काल में आम की आवक भी खूब हुई और बिक्री भी जोरों पर रही। सबसे अधिक निर्जला एकादशी पर एक ही दिन में आम की बिक्री पर अनुमानित करीब 2.50 करोड़ की रही।
गर्मी की सीजन की शुरूआत के साथ ही आम की आवक प्रारंभ हो जाती है। शुरू में बादाम आम आता है, फिर इसके बाद आम की अन्य किस्में आती है। बाड़मेर में सबसे अधिक बादाम आम की आवक हुई और बिक्री भी हुई। बादाम की आवक मार्च के खत्म होते-होते शुरू हो जाती है और मानसून की बारिश के साथ फलों के राजा आम की विदाई होती है।
थार में 50 रुपए किलो तक बिका
जहां पर कैर-सांगरी की उपज होती है, वहां पर अन्य प्रदेशों से आने वाला इनके मुकाबले काफी सस्ता बिका। प्रतिकिलो बादाम आम बाड़मेर में 50 रुपए किलो तक बिके। जबकि थार में पैदा होने वाले कैर-सांगरी की कीमत आम से 4-5 गुणा तक अधिक रहती है।
भावों में ग्वार फली भी रही ऊपर
आम के भाव 50 रुपए किलो तक रहे, लेकिन यहां पैदा होने वाली ग्वार फली 80-100 रुपए किलो तक में मिली। फलों के राजा आम की आवक खूब होने पर इसका भाव भी आम आदमी की पहुंच में रहा। हालांकि कोविड के कारण इसकी बिक्री भी प्रभावित हुई, इसके चलते पिछले दो सालों से इसके दाम में गिरावट आई है। जबकि इससे पहले 70-80 रुपए प्रति किलो से आम नीचे नहीं आया था।
केसर आम थार की खास पसंद
हापुस आम अपनी मिठास, समृद्धि, और स्वाद के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में जाना जाता है। हालांकि बाड़मेर में इसकी आवक कम होती है। लेकिन यहां पर केसर आम सबसे अधिक पंसद किया जाता है। बादाम के बाद सबसे अधिक केसर आम की यहां पर डिमांड रहती है। इसके अलावा दशहरी, तोतापुरी सहित कुछ और भी किस्में यहां पर बिक्री के लिए आती है।

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Mahendra Trivedi Reporting
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