
तेरह माह से नहर में नहीं पहुंचा पानी, किसानों का फूटा गुस्सा, उतरे सड़कों पर
धोरीमन्ना. नर्मदा नहर परियोजना की भदराई व अगड़ावा लिफ्ट कैनाल की वितरिकाओं में तेरह माह से पानी नहीं आने से नाराज किसानों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। लम्बे समय से मांग के बावजूद पानी नहीं पहुंचने पर नाराज किसान सड़कों पर उतर गए और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि तीन दिन में पानी नहीं छोड़ा तो रामजी का गोल सब स्टेशन पर भूख हड़ताल करेंगे। धोरीमन्ना पंचायत समिति की अरणियाली,चैनपुरा, बोर चारणान, डबोई एवं भीमथल तथा गुड़ामालानी की बेरीगांव, बांटा, रामजी का गोल फांटा, पीपराली ग्राम पंचायत के गांवो को जोडऩे वाली नर्मदा नहर की वितरिकाओं में पिछले तेरह माह से पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। इसके चलते इन गांवों में सिंचाई के साथ पशुओं के लिए चारे व पानी का संकट पैदा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग, प्रशासन के आधा अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को बीसियों बार बताया, लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ भी हल नहीं हो रहा। बार-बार शिकायत और नतीजा सिफर रहने पर गुरुवार को किसान सड़कों पर उतरे। गुरुवार को धोरीमन्ना प्रधान ताजाराम चौधरी, गोरधनराम विश्नोई, गोरधनराम काकड़ चैनपुरा, बोर चारणान सरपंच जयरूप भंडवाला, डबोई सरपंच दिनेश विश्नोई, पूर्व सरपंच बांटा नाथाराम सारण, अरणियाली भैराराम खोथ व पीपराली खुमाराम बैरड़ के नेतृत्व में किसानों ने नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उपखण्ड अधिकारी को नर्मदा नहर परियोजना सांचौर के मुख्य अभियंता, जल संसाधन मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर नहर में जल्द पानी छोडऩे की मांग की। किसानों ने ज्ञापन में बताया कि पिछले साल की बरसात से क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण नहर से सिंचित क्षेत्र सेम होने के साथ भूजल स्तर खारा हो गया था। नहर भी जगह-जगह से टूट गई, जिसकी मरम्मत तो करवा दी गई, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं की। एेसे में पिछले तेरह माह से पानी नहीं छोडऩे के कारण पेयजल एवं पशुओ के चारे-पानी का संकट पैदा हो गया है। किसानों ने चेतावनी दी कि 72 घंटे में पानी नहीं छोड़ा तो रामजी का गोल पंपिंग स्टेशन पर अनशन के साथ अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करेंगे।
जलदाय विभाग ने आपूर्ति की बंद- किसानों ने बताया कि नहरी पानी की आवक के बाद जलदाय विभाग ने क्षेत्र के ओपन वैल, जीएलआर, सार्वजनिक टांकों आदि में जलापूर्ति बंद कर दी है। इसके चलते पेयजल लाइन चॉक होने के साथ टूट चुकी हैं। एेसे में सार्वजनिक पेयजल स्रोत से भी किसानों व पशुपालकों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है।
Published on:
02 Aug 2018 11:57 pm
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