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बाड़मेर. प्रधानमंत्री के गरीब व चयनित परिवारों को घर देने के सपने से स्थानीय नगरपरिषद को कोई सरोकार ही नहीं है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 110 लोगों के आवेदन लिए गए हैं लेकिन आगे कुछ भी नहीं किया गया। योजना की ढीली प्रगति पर जिला कलक्टर की ओर से कई बार बैठकों में डांट पिलाने के बाद भी अधिकारी योजना को सिरे नहीं चढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2016-2017 में नगर परिषद ने शिविर लगाकर चालीस वार्ड से 110 आवेदन लिए। इन परिवारों के दस्तावेज पूर्णता पर करीब डेढ़ लाख की मदद नगरपरिषद से और 6.5 लाख का अधिकतम बैंक ऋण मिलने से आवास का सपना पूरा हो सकता है लेकिन नगरपरिषद ने योजना के तहत कार्य किया ही नहीं।
पट्टे ही नहीं तो कैसे बनें मकान
जहां एक ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनने का सपना पूरा होने का अवसर आया है वहां दूसरी ओर 2015 के बाद नगर परिषद ने एक भी पट्टा जारी नहीं किया है। पट्टा प्रकरण में उलझी नगपरिषद ने यह हठधॢमता पकड़ ली है।
फैक्ट फाइल
- 25 हजार परिवार नगर परिषद क्षेत्र में
- 5 हजार के करीब परिवार तीन लाख से कम आय वाले
- 40 वार्डों का क्षेत्र
इनको मिलना था आवास
- परिवार के एक सदस्य को
- अलग-अलग राशनकार्ड हो तो अलग होने पर उसे भी
- आय 1.50 लाख से कम और 3 लाख से कम हो
- पहले सरकारी योजना में लाभ नहीं लिया हो
- खुद के नाम का अन्य कोई मकान नहीं हो
पट्टे ही नहीं तो कैसे बनें मकान
जहां एक ओर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनने का सपना पूरा होने का अवसर आया है वहां दूसरी ओर 2015 के बाद नगर परिषद ने एक भी पट्टा जारी नहीं किया है। पट्टा प्रकरण में उलझी नगपरिषद ने यह हठधॢमता पकड़ ली है।
लगाए जा रहे हैं शिविर
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शिविर लगाए जा रहे हैं। आवश्यक दस्तावेज पूरे होने पर जरूरतमंद को फायदा दिलाया जाएगा। इसमें पट्टा जरूरी है। - प्रकाश डूडी, आयुक्त, नगर परिषद
Published on:
29 Nov 2017 12:24 pm
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